
दुर्ग। छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, क्योंकि दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री रामगोपाल गर्ग (IPS) और उपनिरीक्षक डॉ. संकल्प राय द्वारा लिखा गया एक महत्वपूर्ण शोध पत्र प्रतिष्ठित ‘इंडियन पुलिस जर्नल’ में प्रकाशित हुआ है। यह पत्रिका भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डवलपमेंट (BPR&D) द्वारा प्रकाशित की जाती है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस सुधारों और नवाचारों का मानक माना जाता है।
यह शोध पत्र, जिसका शीर्षक “Artificial Intelligence and Policing in India: Advancements, Ethical Implications, and Future Directions” है, पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर गहन चर्चा करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे प्रेडिक्टिव पुलिसिंग, फेशियल रिकग्निशन, क्राइम मैपिंग, और डेटा एनालिसिस जैसी आधुनिक तकनीकों से अपराध नियंत्रण और रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
टेक्नोलॉजी के साथ पुलिसिंग
आईजी रामगोपाल गर्ग को पुलिसिंग में टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। उन्होंने दुर्ग रेंज और पूरे छत्तीसगढ़ में सशक्त और त्रिनयन जैसे ऐप विकसित किए हैं, जिनका व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है।
- सशक्त ऐप: पिछले छह महीनों में इस ऐप की मदद से 100 से अधिक चोरी हुए वाहन बरामद किए जा चुके हैं।
- त्रिनयन ऐप: यह ऐप पुलिस को कई मामलों में तुरंत महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने में मदद करता है।
डॉ. संकल्प राय इन सभी तकनीकी प्रयोगों को जमीनी स्तर पर लागू करने में आईजी गर्ग का सहयोग करते हैं। यह उपलब्धि न सिर्फ दुर्ग रेंज बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गर्व का विषय है और भारतीय पुलिसिंग को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



