सड़क पर मेहनत करना शिक्षकों को पड़ा भारी, नोटिस हुवा जारी: अम्बिकापुर का वायरल वीडियो केस!

अंबिकापुर: क्या आपने शिक्षकों को स्कूल में पढ़ाते या बच्चों को होमवर्क देते देखा है? लेकिन अंबिकापुर के धंधापुर गांव में शिक्षकों ने कुछ ऐसा किया कि उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और अब वे मुसीबत में फंस गए हैं।
दरअसल, मामला कुछ यूं है कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल धंधापुर में काम करने वाले शिक्षक और शिक्षिकाएं NH 343 की जर्जर सड़क से परेशान थे। इस खस्ताहाल सड़क से बचने के लिए उन्होंने एक छोटा रास्ता पकड़ा, जो जंगल से होकर गुजरता था। लेकिन उस रास्ते में भी बड़े-बड़े गड्ढे थे।
फिर क्या था, इन कर्मठ शिक्षकों ने खुद ही फावड़ा-कुदाल उठाई और सड़क की मरम्मत करने लगे। उनका मानना था कि रास्ता साफ हो जाएगा, तो वे आसानी से स्कूल पहुंच पाएंगे। किसी ने उनकी इस मेहनत का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया, जहाँ यह तेजी से वायरल हो गया।
मेहनत का फल या नोटिस की मार?
आप सोच रहे होंगे कि शिक्षकों के इस काम की तारीफ हुई होगी? जी नहीं, कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आया।
इस वायरल वीडियो को देखकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) डी.एन. मिश्रा ने शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। डीईओ का कहना है कि नोटिस का जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि अपनी परेशानी दूर करने के लिए शिक्षकों द्वारा किया गया यह प्रयास सही था या गलत? क्या उन्हें नोटिस जारी करना उचित था?
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ी करती है: जब सड़कों की हालत इतनी खराब है कि शिक्षकों को खुद मरम्मत करनी पड़ रही है, तो प्रशासन क्या कर रहा है? और क्या अधिकारियों की यह कार्यवाही जायज है, जबकि शिक्षक तो बस अपना रास्ता आसान बनाने की कोशिश कर रहे थे?



