
छत्तीसगढ़ की प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी रतनपुर अब अपनी खोई हुई गरिमा को पुनः प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रतनपुर को एक नई पहचान दिलाने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को नई उड़ान मिलेगी।
ऐतिहासिक नगरी को मिलेगी आधुनिक सौगात
माघी पूर्णिमा एवं आदिवासी विकास मेला-2026 के भव्य शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रतनपुर वासियों को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने शहर में एक भव्य ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, नगर पालिका भवन की सुरक्षा और सुंदरता के लिए 20 लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण भी कराया जाएगा।

महाकाल की तर्ज पर बनेगा ‘रतनपुर कॉरिडोर’
श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का कायाकल्प हुआ है, उसी तर्ज पर मां महामाया के आशीर्वाद से रतनपुर को भी एक भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
- गौरवशाली इतिहास की वापसी: श्री साव ने याद दिलाया कि रतनपुर कभी छत्तीसगढ़ की राजधानी हुआ करती थी। इसकी वैश्विक ख्याति को देखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर इसकी गरिमा बढ़ाई जाएगी।
- तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण: रतनपुर को तालाबों का शहर कहा जाता है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन तालाबों के सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही ये शहर की सुंदरता में चार चांद लगाएंगे।
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: कॉरिडोर बनने से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी नया बल मिलेगा।
दिग्गजों की रही मौजूदगी
इस गौरवमयी आयोजन में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप समेत कई पार्षद और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। माघी पूर्णिमा के अवसर पर उमड़ी भारी जनसख्या ने इस घोषणा का तालियों के साथ स्वागत किया।



