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यूट्यूब पर ‘स्नेक रेस्क्यू’ और असल जिंदगी में ‘गांजा तस्करी’: 56 लाख फॉलोअर्स वाला ‘सर्पमित्र’ आकाश जाधव गिरफ्तार

जिसे दुनिया सांपों की जान बचाने वाले एक मसीहा के रूप में जानती थी, वह पर्दे के पीछे नशे का काला कारोबार चला रहा था। महासमुंद पुलिस ने ऑपरेशन “निश्चय” के तहत एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने सोशल मीडिया की चमक-धमक के पीछे छिपे अपराध के गहरे दलदल को उजागर कर दिया है।
520 किलोग्राम गांजे की तस्करी के मामले में पुलिस ने प्रसिद्ध यूट्यूबर आकाश जाधव (Sarpmitra Akash Jadhav) सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सोशल मीडिया का ‘स्टार’ और तस्करी का ‘मास्टरमाइंड’
आकाश जाधव कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की दुनिया का एक बड़ा नाम है।

  • YouTube: लगभग 56,80,000 (5.6 मिलियन) फॉलोअर्स।
  • Instagram: 3,17,000 फॉलोअर्स।
    यूट्यूब पर सांपों को रेस्क्यू करने के वीडियो डालकर लाखों लोगों का दिल जीतने वाला आकाश, असल में ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा परिवहन करने वाले नेटवर्क का मुख्य सरगना निकला। पुलिस जांच में पता चला है कि पिछले एक साल में उसने अलग-अलग माध्यमों से 6 बार गांजे की बड़ी खेप पहुंचाई है। वह पुणे के एक मामले में पिछले 6 महीने से फरार भी चल रहा था।
    करोड़ों का साम्राज्य और ‘एंड-टू-एंड’ स्ट्राइक
    महासमुंद पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने इस बार केवल ड्रग्स नहीं पकड़े, बल्कि पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। इस End-to-end operation में पुलिस ने तस्करी की पूरी चेन को ध्वस्त किया है:
  • बैकवर्ड लिंक: ओडिशा से गांजा सप्लाई करने वाला रंजन दुर्गा गिरफ्तार।
  • परिवहन: मुख्य सरगना आकाश जाधव और उसके 4 साथी (सागर बाघ, संजीव अहिरे, सुशील दाभाडे, आदित्य पाखरे) गिरफ्तार।
  • फॉरवर्ड लिंक (खरीददार): पुणे का बड़ा ड्रग माफिया रामदास चंदू सोनवाने और उसके दो बेटे गिरफ्तार।
    जब्ती और संपत्तियों पर प्रहार
    पुलिस ने इस कार्रवाई में 520 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस केवल गिरफ्तारी तक नहीं रुकी, बल्कि आरोपियों की काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी निशाना बनाया है:
  • मुख्य खरीददार रामदास सोनवाने की 4 करोड़ की संपत्ति चिन्हांकित।
  • यूट्यूबर आकाश जाधव की 1.5 करोड़ की संपत्ति की पहचान।
    इन संपत्तियों को SAFEMA कानून के तहत कुर्क (Attach) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
    अन्तरराज्यीय तालमेल की मिसाल
    महासमुंद पुलिस की इस कामयाबी के पीछे महाराष्ट्र पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का भी बड़ा हाथ रहा। ओडिशा से शुरू होकर छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र तक फैले इस संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करना पुलिस की एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है।
    पुलिस की अपील
    महासमुंद पुलिस ने ‘नशामुक्त महासमुंद’ के संकल्प को दोहराते हुए आम जनता से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
    संपादकीय टिप्पणी: यह मामला हमें सतर्क करता है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चमक असली नहीं होती। जिसे लोग फॉलो कर रहे थे, वह युवाओं की रगों में जहर घोलने का काम कर रहा था।
    प्रकरण की जानकारी:
  • थाना: कोमाखान (महासमुंद)
  • धाराएं: NDPS एक्ट एवं BNS की विभिन्न धाराएं।
  • कुल आरोपी: 09 गिरफ्तार।
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