
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेंज में पदभार संभालते ही पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को पुलिस के आला अधिकारियों ने जब तोरवा थाने का औचक निरीक्षण किया, तो तकनीक और मुस्तैदी के मेल से एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
तकनीक ने खोला राज: ‘सशक्त’ ऐप से हुआ खुलासा
निरीक्षण के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा चोरी की गाड़ियों की पहचान के लिए विशेष रूप से संचालित ‘सशक्त मोबाइल ऐप’ की कार्यक्षमता को परखा गया। जब थाने के परिसर में लावारिस खड़ी गाड़ियों का डेटा इस ऐप में डाला गया, तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए।
रायपुर और चकरभाठा से चोरी हुए वाहन बरामद
जांच के दौरान कुल तीन वाहनों के चोरी होने की पुष्टि हुई, जो लंबे समय से लावारिस हालत में थानों में खड़े थे:
- स्कूटी प्लेजर (CG 04 CX 7848): ऐप के जरिए पता चला कि यह वाहन रायपुर के सिविल लाइन थाने में साल 2022 (अपराध क्रमांक 780/2022) से चोरी के मामले में दर्ज है।
- एक्टिवा (CG 04 MB 2782): यह गाड़ी रायपुर के गंज थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 15/2025 के तहत चोरी की गई थी।
- मोटर साइकिल (CG 10 ED 6156): तारबहार थाने में खड़ी इस बाइक को जब सशक्त ऐप से चेक किया गया, तो यह बिलासपुर के ही चकरभाठा थाने के अपराध क्रमांक 435/2023 से संबंधित निकली।
आईजी के निर्देश: अब होगी त्वरित कानूनी कार्रवाई
आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने इस सफलता के बाद तत्काल निर्देश दिए हैं कि संबंधित थानों (रायपुर और चकरभाठा) को सूचना भेजकर वैधानिक कार्यवाही पूरी की जाए। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रियता से अब अपराधियों और चोरी के माल को छिपाना मुमकिन नहीं होगा।




