
छत्तीसगढ़ की माटी के हुनर और सेवा भाव को राज्य सरकार ने एक नई पहचान दी है। स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती यानी ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के खास मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की आठ प्रतिभाओं और धमतरी के एक प्रतिष्ठित संगठन को ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान’ से नवाजा।
रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित इस गरिमामय समारोह ने यह साबित कर दिया कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण हो, तो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर भी आसमान छुआ जा सकता है।
धमतरी का दोगुना मान: आरू साहू और युवा स्टार सेवा समिति का जलवा
इस सम्मान समारोह में धमतरी जिले का विशेष दबदबा रहा। जिले की दो बड़ी उपलब्धियों ने सबका ध्यान खींचा:
- लोककला की उभरती आवाज सुश्री आरू साहू: छत्तीसगढ़ी लोक संगीत को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश-दुनिया तक पहुँचाने वाली आरू साहू को लोककला में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ 1 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। उनकी सुरीली आवाज और छठ गीतों ने उन्हें युवाओं के बीच एक आइकन बना दिया है।
- समाज सेवा की मिसाल ‘युवा स्टार सेवा समिति’: धमतरी के खरतुली गांव की इस समिति ने जल संरक्षण, स्वच्छता, नशामुक्ति और महिला उत्थान जैसे क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर बदलाव लाकर समाज को नई दिशा दी है। उनकी इस निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें 5 लाख रुपये की सम्मान राशि और युवा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राज्य के इन 8 सितारों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का कद
मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत श्रेणी में विभिन्न क्षेत्रों के धुरंधरों को सम्मानित किया, जिनमें शामिल हैं: - श्री पीयूष जायसवाल (बेमेतरा): सबसे कम उम्र के एस्ट्रोफिजिक्स वैज्ञानिक और गोल्ड मेडलिस्ट।
- सुश्री शिल्पा साहू (कांकेर): सामाजिक सेवा के क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्य।
- श्री अमित यादव (सरगुजा): साहित्य के क्षेत्र में सृजनात्मक लेखन।
- सुश्री मृणाल विदानी (महासमुंद): नवाचार (Innovation) के लिए विशेष पहचान।
- सुश्री परिधि शर्मा (दुर्ग): शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार कार्य।
- सुश्री संजू देवी (बिलासपुर): अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी (खेल श्रेणी)।
- श्री सचिन कुनहरे (कवर्धा): कला एवं संस्कृति में विशिष्ट योगदान।
- सुश्री आरू साहू (धमतरी): लोककला और लोक गायिकी।
मुख्यमंत्री का संदेश: “युवा ही विकसित भारत की नींव”
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 31 साल की उम्र में दुनिया को भारत की संस्कृति से परिचित कराया था। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सपने न देखें, बल्कि उन्हें पूरे करने के लिए परिश्रम और संकल्प के मार्ग पर चलें।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में पहली बार व्यक्तिगत प्रतिभाओं को इस तरह का मंच दिया गया है, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ से और भी बेहतर लीडर्स निकलेंगे।


