जांजगीर- चांपान्यायालय

जांजगीर-चांपा दोहरा हत्याकांड: थाना प्रभारी निरीक्षक पारस पटेल की सटीक विवेचना से आरोपी को दो बार आजीवन कारावास, वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सजा

जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सनसनी फैला देने वाले दोहरे हत्याकांड के मामले में स्थानीय न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस जटिल और अंधे हत्याकांड को सुलझाने और अपराधी को कड़ी सजा दिलाने में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक पारस पटेल की प्रभावी विवेचना, सूझबूझ और पुख्ता साक्ष्य संकलन ने केंद्रीय और निर्णायक भूमिका निभाई।

मुख्य बिंदु

  • मामला: नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भठली का सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड।
  • जांच अधिकारी: तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक पारस पटेल।
  • सजा: न्यायालय द्वारा आरोपी को दो बार आजीवन कारावास।
  • सफलता का आधार: सूक्ष्म वैज्ञानिक विवेचना, FSL रिपोर्ट, 19 मजबूत गवाह और ठोस परिस्थितिजन्य साक्ष्य।

क्या था पूरा मामला?

घटना 6 मार्च 2025 की है। नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भठली में शराब बिक्री को लेकर सुंदरलाल कुर्रे और आरोपी के बीच विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने एक खतरनाक साजिश रची और देशी शराब की शीशी में घातक कीटनाशक मिलाकर सुंदरलाल के घर पहुँचा दी।

सौभाग्य से सुंदरलाल ने वह शराब पीने से मना कर दिया, लेकिन वहाँ मौजूद सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर ने वह जहरीली शराब पी ली। शराब पीते ही दोनों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालाँकि, डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

थाना प्रभारी निरीक्षक पारस पटेल की प्रभावी विवेचना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

इस दोहरे हत्याकांड के बाद मामले की गंभीरता को भांपते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक पारस पटेल ने त्वरित कार्रवाई की और मामले की हर पहलू से सूक्ष्मता से विवेचना शुरू की।

  • ठोस साक्ष्य जुटाना: निरीक्षक पारस पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
  • एफएसएल (FSL) और परिस्थितिजन्य सबूत: जांच के दौरान पुलिस ने कीटनाशक का डिब्बा, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की वैज्ञानिक रिपोर्ट और अन्य पुख्ता परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को संकलित किया, जिससे आरोपी के खिलाफ एक मजबूत केस तैयार हुआ।
  • मजबूत अभियोग पत्र: सभी कड़ियों को जोड़ते हुए निरीक्षक पटेल ने एक त्रुटिहीन अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।

न्यायालय का फैसला और न्याय की जीत

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 19 गवाहों के बयान और निरीक्षक पारस पटेल द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से रखा गया। अभियोजन और पुलिस की पुख्ता पैरवी के चलते अदालत ने आरोपी के अपराध को अकाट्य रूप से प्रमाणित पाया और उसे दोहरे हत्याकांड के लिए दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

कानूनी विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों द्वारा इसे कुशल पुलिस विवेचना और पेशेवर साक्ष्य संकलन की एक बड़ी जीत माना जा रहा है, जिससे यह साबित होता है कि अपराधियों के कितने भी शातिर तरीके हों, कानून की लंबी और सटीक पहुँच से बचना नामुमकिन है।

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