
राजधानी रायपुर में ठगों ने एक बेहद शातिर तरीका अपनाकर लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। साधु या बाबा का वेश बदलकर घर-घर घूमना और परिवार की निजी परेशानियों को बताकर विश्वास जीतना अब एक बड़े अपराध का हिस्सा बन चुका है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत थाना गंज पुलिस ने ऐसी ही एक बड़ी ठगी का पर्दाफाश करते हुए ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के एक अंतरराज्यीय आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आस्था और अंधविश्वास की आड़ में किस तरह शातिर अपराधी भोले-भाले नागरिकों को चूना लगा रहे हैं।

कैसे दिया गया वारदात को अंजाम? (घटना की पूरी कहानी)
यह पूरा मामला रायपुर के फाफाडीह स्थित जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स का है। यहाँ के निवासी जसवंत परमार ने थाना गंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मार्च 2026 में उनके घर तीन अज्ञात व्यक्ति साधु के वेश में आए थे।
- विश्वास जीतने का शातिर पैंतरा: उन तथाकथित साधुओं ने जसवंत की पत्नी की बीमारी, आँखों की परेशानी और घर की अन्य गुप्त समस्याओं के बारे में सटीक बातें बताईं। इससे उनकी पत्नी को लगा कि ये लोग वाकई कोई सिद्ध पुरुष हैं और वे उनके झांसे में पूरी तरह आ गईं।
- पूजा-पाठ का बहाना और जेवरात की ठगी: बीमारियों और समस्याओं से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने के नाम पर आरोपियों ने पूजा-पाठ कराने का झांसा दिया। शुरुआत में एक सोने की अंगूठी और नकदी ली गई। इसके बाद 10-12 दिनों के अंतराल पर दोबारा आकर सोने की चेन और अन्य सोने-चांदी के आभूषण यह कहकर ले लिए गए कि पूजा के बाद इन्हें वापस लौटा दिया जाएगा।
- डरावनी धमकियां: ठगों ने परिवार को चेतावनी दी थी कि यदि इस बारे में किसी को बताया, तो परिवार के सदस्यों की मौत हो जाएगी या कोई बड़ा अनिष्ट हो जाएगा। डर के मारे पीड़ित परिवार लंबे समय तक चुप रहा।
- शक की शुरुआत: 7 सितंबर 2026 से आरोपियों ने फोन पर और अधिक जेवरात और नकदी की मांग करनी शुरू कर दी। तब जाकर पत्नी को अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। न तो कोई पूजा-पाठ कराई गई और न ही उनके लाखों के गहने लौटाए गए। कुल मिलाकर लगभग 15 लाख रुपये के सोने के आभूषण और नकदी की ठगी की गई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों—पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री विवेक शुक्ला और सहायक पुलिस आयुक्त, कोतवाली श्री दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गंज निरीक्षक दीपक पासवान के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया:
- तकनीकी विश्लेषण: आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल की बारीकी से तकनीकी जांच की गई।
- ग्वालियर तक पहुँची तलाश: तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले तक जाल बिछाया।
- दबोचे गए आरोपी: पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्वालियर निवासी मुख्य आरोपी गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू (22 वर्ष, निवासी नूरगंज सेवा नगर, थाना किला गेट, जिला ग्वालियर) और एक विधि से संघर्षरत बालक को धर दबोचा।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस ठगी की वारदात को कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 ग्राम सोने के आभूषण (कीमत करीब 3 लाख रुपये) और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। इस गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की तलाश तेजी से जारी है।
जनता के लिए जरूरी संदेश और जागरूकता
रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर आम जनता की गाढ़ी कमाई को हड़प रहे हैं।
इन बातों का विशेष ध्यान रखें और सुरक्षित रहें:
- अंधविश्वास से बचें: यदि कोई अनजान व्यक्ति साधु, बाबा या तांत्रिक बनकर आपके घर आता है और आपकी निजी समस्याओं या बीमारियों का सटीक अंदाजा लगाकर डराता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- चमत्कारों के चक्कर में न आएं: कोई भी पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर घर के कीमती जेवरात या नकदी की मांग करे, तो उसे कभी भी अपने घर की वस्तुएं न सौंपें।
- डराए जाने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें: यदि कोई व्यक्ति आपको या आपके परिवार को अनिष्ट का भय दिखाकर चुप रहने या चीजें देने का दबाव बनाता है, तो डरने के बजाय तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें।
- सतर्कता ही बचाव है: अपने घर के बुजुर्गों और महिलाओं को इस प्रकार की ठगी के तौर-तरीकों के बारे में पहले से जागरूक करें ताकि कोई भी शातिर ठग आपकी भोलापन का फायदा न उठा सके।
याद रखें: आपकी थोड़ी सी सावधानी और सजगता ही आपको और आपके परिवार को इस तरह के अंतरराज्यीय ठगों से बचा सकती है। यदि आपके आसपास भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो बिना देर किए पुलिस को सूचित करें।



