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पुलिस परिवार का वार्षिक मिलन समारोह सम्पन्न,जानिये कर्मचारियों और परिजनों के कल्याण के लिए बनी कौन सी भविष्य की रणनीति..

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से जुटे संयुक्त पुलिस परिवार के सदस्य, न्यायालयीन लड़ाई से लेकर वेतन-भत्तों और आवास संबंधी समस्याओं तक उठाएगे मुद्दे

संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के तत्वावधान में पुलिस परिवार का वार्षिक मिलन समारोह सम्पन्न हुआ। समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से संयुक्त पुलिस परिवार के सदस्य एवं उनके परिजन शामिल हुए। संगठन के अध्यक्ष उज्जवल दीवान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कर्मचारियों और उनके परिवारों की समस्याओं, अधिकारों, कल्याण तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

समारोह में जिला बल, सशस्त्र बल, सहायक आरक्षक, डीएसएफ, गोपनीय सैनिक, जेल विभाग, नगर सेना सहित अन्य वर्दीधारी विभागों के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न रणनीतियां तैयार करने पर सहमति बनी।

समारोह में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं भावी रणनीति:-

  1. कर्मचारियों के अधिकारों के लिए न्यायालयीन लड़ाई

कर्मचारियों और उनके परिजनों से जुड़ी समस्याओं के समाधान तथा उनके वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यकतानुसार माननीय उच्च न्यायालय और माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की जाएंगी। कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से न्याय दिलाने के लिए संगठन प्रयास करेगा।

  1. शोषित एवं पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाने का संकल्प

किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय, शोषण या अधिकारों का हनन होने पर संगठन नियमानुसार आवाज उठाएगा। जरूरत पड़ने पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन, संबंधित अधिकारियों से मुलाकात और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से न्याय की मांग की जाएगी।

  1. वेतन एवं भत्तों में वृद्धि के लिए प्रयास

कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वेतन, महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता, आवास भत्ता तथा अन्य देय सुविधाओं से संबंधित मांगों को उचित मंचों पर उठाया जाएगा। कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और कार्य परिस्थितियों के अनुरूप सुविधाएं दिलाने के लिए शासन-प्रशासन के समक्ष मांग रखी जाएगी।

  1. आवास संबंधी समस्याओं का समाधान

पुलिसकर्मियों, नगर सेना, जेल विभाग और अन्य वर्दीधारी कर्मचारियों के लिए पर्याप्त एवं सुविधायुक्त आवास की उपलब्धता का मुद्दा उठाया जाएगा। शासकीय आवास की कमी, जर्जर आवास और आवास संबंधी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

  1. कर्मचारियों के परिवारों के कल्याण पर विशेष ध्यान

संगठन की भावी रणनीति में कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारों की समस्याओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, परिवार की सामाजिक सुरक्षा और कठिन परिस्थितियों में सहायता जैसे विषयों पर योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर चर्चा हुई।

  1. सभी वर्दीधारी विभागों के हितों की संयुक्त आवाज

जिला बल, सशस्त्र बल, सहायक आरक्षक, डीएसएफ, गोपनीय सैनिक, जेल विभाग, नगर सेना एवं अन्य वर्दीधारी विभागों के कर्मचारियों की समस्याओं को एक साझा मंच पर लाकर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

  1. संगठन का विस्तार और एकजुटता मजबूत करना

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने, अधिक से अधिक कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को जोड़ने तथा समस्याओं की जानकारी एकत्र कर उन्हें संबंधित मंचों तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प

समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल आपसी मिलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिजनों की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए ठोस दिशा तय करना भी रहा। संगठन ने कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और पारिवारिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने की रणनीति बनाई।

  1. प्रत्येक जिले में मिलन समारोह आयोजित करने की योजना

संगठन की पहुंच छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक कर्मचारियों एवं उनके परिजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अब जिला स्तर पर मिलन समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन समारोहों के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं को सीधे सुनने, उनके सुझाव प्राप्त करने, संगठन की गतिविधियों से अवगत कराने तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले में संगठन को मजबूत करना और कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त साझा मंच तैयार करना है।

  1. पुलिस भर्ती के रिक्त 1600 पदों के लिए संघर्षरत अभ्यर्थियों को समर्थन

छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती के रिक्त 1600 पदों को लेकर संघर्षरत अभ्यर्थियों के साथ संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ मजबूती से खड़ा है। संगठन अभ्यर्थियों की मांगों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को उचित मंचों पर उठाने तथा शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रयास करेगा। संगठन का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उनके साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  1. नगर सैनिकों के मानदेय में ₹11,370 की वृद्धि पर बधाई, संघर्ष करने वालों के प्रति आभार

समारोह के दौरान नगर सैनिकों के मानदेय में ₹11,370 की वृद्धि होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नगर सैनिकों को बधाई दी गई। इस उपलब्धि के लिए लंबे समय से न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ने तथा निरंतर संघर्ष करने वाले सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और आर्थिक हितों के लिए किया गया निरंतर प्रयास महत्वपूर्ण है। यह उपलब्धि भविष्य में भी कर्मचारियों के हक, सम्मान और कल्याण के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की प्रेरणा देती है।

  1. गोपनीय सैनिकों के नियमितीकरण और सहायक आरक्षकों एवं डीएसएफ जवानों के अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने का निर्णय

समारोह में गोपनीय सैनिकों को स्थायी करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने तथा उनके सेवा संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक न्यायालयीन एवं संवैधानिक कदम उठाने की रणनीति बनाई गई।

इसके साथ ही, शेष सहायक आरक्षकों को डीएसएफ में शामिल करवाने की मांग को लेकर संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। डीएसएफ जवानों के वेतन को आरक्षक के वेतन के बराबर करवाने के लिए भी संगठन संबंधित शासन-प्रशासन के समक्ष मांग उठाएगा और न्यायालय में लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई हेतु न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।

संगठन ने स्पष्ट किया कि गोपनीय सैनिकों, सहायक आरक्षकों और डीएसएफ जवानों के सेवा संबंधी अधिकारों, वेतन विसंगतियों तथा भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। इन मांगों की पूर्ति के लिए संगठित, शांतिपूर्ण, कानूनी और संवैधानिक तरीके से निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

संगठन के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने कहा कि संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ का उद्देश्य पुलिस परिवार और अन्य वर्दीधारी विभागों के कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के हितों की रक्षा करना है। संगठन समस्याओं के समाधान के लिए कानूनी, लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से प्रयास करेगा। जो कर्मचारी या परिवार अन्याय से प्रभावित हैं, उनकी आवाज संबंधित मंचों तक पहुंचाने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संगठन निरंतर प्रयासरत रहेगा।

वार्षिक मिलन समारोह में भविष्य की रणनीति पर हुई चर्चा के साथ कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

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