
छत्तीसगढ़ में रोजाना बस से सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी और बस संचालकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बस किराए में संशोधन कर दिया है। करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद यह किराया वृद्धि की गई है, जो नगरीय बस सेवाओं को छोड़कर पूरे प्रदेश की यात्री बसों पर लागू हो चुकी है। परिवहन विभाग की इस नई अधिसूचना के बाद अब यात्रियों को सफर के लिए अधिक राशि चुकानी होगी।
शुरुआती पांच किलोमीटर का बदला गणित नई किराया व्यवस्था के अनुसार, अब यात्रा की शुरुआत से ही अधिक खर्च करना होगा।
- साधारण बसों में शुरुआती 5 किलोमीटर का किराया अब 10 रुपए तय किया गया है।
- डीलक्स और सुपर लग्जरी बसों में शुरुआती 5 किलोमीटर के लिए 12 रुपए चुकाने होंगे।
किस श्रेणी में कितना देना होगा प्रति किलोमीटर किराया? राजपत्र में बसों की प्रकृति और उनमें मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग दरें तय की गई हैं:
- साधारण बस सेवा: शुरुआती 5 किमी के बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 1.75 रुपए।
- साधारण रात्रिकालीन बस: साधारण बस के निर्धारित किराए से 10 प्रतिशत अधिक।
- डीलक्स व बिना एसी स्लीपर/सेमी-स्लीपर बस: शुरुआती 5 किमी के बाद 2.20 रुपए प्रति किलोमीटर।
- एसी डीलक्स स्लीपर और सेमी-स्लीपर बस: शुरुआती 5 किमी के बाद 3.20 रुपए प्रति किलोमीटर।
- वॉल्वो, स्कैनिया और मर्सिडीज जैसी सुपर लग्जरी एसी बसें: शुरुआती 5 किमी के बाद 3.30 रुपए प्रति किलोमीटर।
- सुपर लग्जरी एसी सेमी-स्लीपर और स्लीपर: शुरुआती 5 किमी के बाद सेमी-स्लीपर सीट के लिए 3 रुपए और स्लीपर बर्थ के लिए 3.30 रुपए प्रति किलोमीटर।
किराए की गणना करते समय यदि राशि में 50 पैसे या उससे अधिक की बढ़ोतरी होती है, तो उसे अगले पूर्ण रुपए में जोड़ दिया जाएगा, और 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा। रात्रिकालीन बस सेवा उसे माना जाएगा जो सामान्यतः सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच चलती है और जिसकी एक तरफ की दूरी 200 किलोमीटर से अधिक है।
किराए में पूरी तरह छूट किसे मिलेगी? राज्य सरकार ने समाज के कुछ विशेष वर्गों और नागरिकों को राहत देते हुए बस किराए में शत-प्रतिशत (100%) छूट का प्रावधान जारी रखा है:
- दृष्टिहीन नागरिक
- बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति
- दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांगजन
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक
- एचआईवी/एड्स से पीड़ित व्यक्ति
- इन सभी के साथ यात्रा करने वाला एक सहायक (सहयोगी)
इनके अलावा, सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को राज्य के भीतर बस यात्रा पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर परमिट धारक और परिचालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों पर असर निसंदेह इस नई वृद्धि से बस संचालकों को डीजल की महंगाई से राहत मिली है, लेकिन रोजाना नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बसों से सफर करने वाले आम नागरिकों और विद्यार्थियों के मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा।




