पावर सरप्लस छत्तीसगढ़ में बिजली संकट: बँधापाली फीडर (सारंगढ़)में 11 घंटे की कटौती से धान की फसल बर्बाद, किसानों ने लगाई गुहार
सारंगढ़: देश और अन्य राज्यों को रोशन करने वाले ‘पावर सरप्लस’ राज्य छत्तीसगढ़ में किसानों की स्थिति एक गंभीर विडंबना बन गई है। एक तरफ जहाँ राज्य को बिजली उत्पादन में अग्रणी माना जाता है, वहीं सारंगढ़ जिले के बँधापाली फीडर क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए बिजली के लाले पड़े हुए हैं। बिजली विभाग की लचर कार्यप्रणाली के कारण किसानों की मेहनत से लहलहाती धान की फसल अब सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
सरप्लस राज्य में बिजली की भारी किल्लत, हर दो घंटे में ट्रिपिंग
ग्राम बुदेली के किसान लखनलाल पटेल ने कलेक्ट्रेट में अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि क्षेत्र में बिजली की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। पावर सरप्लस राज्य होने के बावजूद यहाँ के किसानों को 24 घंटे में से लगभग 11 घंटे की कटौती झेलनी पड़ रही है।
- बिजली आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं है।
- स्थिति यह है कि दिनभर में हर दो घंटे पर लाइन काटी और जोड़ी जा रही है।
- बिजली की इस आंख-मिचौली के कारण किसान अपने बोरवेल चलाकर खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
15 दिन से बदतर हैं हालात, बर्बादी की कगार पर फसल
किसानों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में यही अघोषित और लचर बिजली कटौती जारी है। इस समय धान की फसल को पकने और बचाने के लिए पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन बिजली न मिलने से फसलें सूख रही हैं। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
प्रशासन से सख्त कार्यवाही की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएं, ताकि इस अघोषित कटौती को तुरंत बंद किया जा सके और किसानों को निर्बाध बिजली मिल सके।





