
छत्तीसगढ़ की चर्चित और तेज-तर्रार आईपीएस (IPS) अधिकारी अंकिता शर्मा से जुड़े शस्त्र पूजन और वीडियो मामले में चर्चाओं का दौर जारी है। दशहरे के अवसर पर सामने आए एक वीडियो को लेकर शुरू हुए इस विवाद के बीच आध्यात्मिक जगत से एक महत्वपूर्ण और स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रसिद्ध संत महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज ने इस पूरे मामले में खुलकर आईपीएस अंकिता शर्मा का समर्थन किया है।
महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज का बयान
महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज ने आईपीएस अंकिता शर्मा का समर्थन करते हुए उन्हें ‘नारी शक्ति’ और ‘साहसी रक्षिका का प्रतीक’ बताया है। महाराज के इस स्पष्ट बयान के बाद इस विषय पर एक सकारात्मक दृष्टिकोण सामने आया है, जिसमें उनके साहसी और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव की सराहना की गई है।
महिला होना और पहले से प्रसिद्ध होना बना चर्चा का कारण
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर यह बात सामने आ रही है कि चूंकि अंकिता शर्मा एक महिला अधिकारी हैं और अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली व दबंग छवि के कारण पहले से ही काफी लोकप्रिय और चर्चित रही हैं, इसलिए लोग बिना वजह एक छोटी सी बात को बतंगड़ बना रहे हैं। एक सामान्य सी प्रक्रिया या परंपरा को इस प्रकार से तूल देना केवल अति-प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
अन्य जिलों और प्रदेशों में भी होती है ऐसी परंपरा


इस मामले का एक और व्यावहारिक पहलू यह है कि देश और प्रदेश के विभिन्न जिलों के एसपी (SPs) और अन्य पुलिस अधिकारी भी इसी तर्ज पर और अपनी पारंपरिक विधि के अनुसार शस्त्र पूजन करते आए हैं। विजय दशमी या अन्य पर्वों के अवसर पर पुलिस थानों या लाइनों में शस्त्रों की पूजा करना एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा है, जो पूरे देश और प्रदेश में बड़े पैमाने पर की जाती है। ऐसे में केवल एक अधिकारी को केंद्र में रखकर इस तरह की चर्चाएं खड़ा करना उचित नहीं है।




