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साइबर फ्राड मामलों में बिना नोटिस बैंक खाते फ्रीज करना अवैध नही: हाइकोर्ट

आज के दौर में डिजिटल लेनदेन जितना आसान हुआ है, साइबर फ्रॉड के मामले भी उतनी ही तेजी से बढ़े हैं। अक्सर देखने में आता है कि बिना किसी पूर्व सूचना के लोगों के बैंक खाते अचानक होल्ड या फ्रीज कर दिए जाते हैं। इसको लेकर आम जनता में काफी भ्रम और नाराजगी रहती है। इसी विषय पर हाईकोर्ट ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला सुनाया है।

हाईकोर्ट ने साइबर फ्रॉड से जुड़ी 97 याचिकाओं का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान पुलिस या जांच एजेंसियों द्वारा बिना पूर्व नोटिस के बैंक खातों को होल्ड (फ्रीज) करना पूरी तरह से कानूनन वैध है।

अदालत के अनुसार, शुरुआती जांच में संदिग्ध खातों को फ्रीज करना कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह एक अस्थायी और सुरक्षात्मक कदम है ताकि ठगी की रकम को गायब होने से रोका जा सके।

आखिर क्यों जरूरी है बिना नोटिस कार्रवाई?

अदालत ने समझाया कि साइबर अपराध पारंपरिक अपराधों की तुलना में बहुत तेज और अलग होते हैं।

  • साइबर ठगी की रकम कुछ ही सेकंड में कई अलग-अलग म्यूल (जाली) अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दी जाती है।
  • यदि पुलिस या बैंक खाताधारक को पहले नोटिस देंगे, तो आरोपी तुरंत सारा पैसा निकाल लेंगे या दूसरे खातों में भेज देंगे।
  • इसलिए, ठगी की रकम को सुरक्षित करने के लिए त्वरित और बिना नोटिस की कार्रवाई बेहद जरूरी होती है।

गृह मंत्रालय की नई SOP: खाताधारकों के अधिकार और राहत

हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय द्वारा जारी 2026 की नई एसओपी (SOP) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) का उल्लेख करते हुए बताया कि आम और निर्दोष खाताधारकों की सुरक्षा के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं:

  • 7 दिनों में बैंक की जांच: शिकायत मिलते ही बैंक को 7 दिनों के भीतर एन्हांस्ड ड्यू डिलिजेंस (EDD) कर अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
  • 15 दिनों में सत्यापन: जांच अधिकारी (IO) को 15 दिनों के भीतर सत्यापन पूरा करके खाताधारक को इसकी सूचना देनी होगी।
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई: अब खाताधारकों को बार-बार पुलिस स्टेशन या बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पीड़ित या खाताधारक की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए की जा सकेगी।
  • 90 दिनों की समय सीमा: यदि 90 दिनों के भीतर जांच एजेंसी की ओर से खाते पर होल्ड जारी रखने का कोई नया निर्देश नहीं मिलता है, तो बैंक अपने स्तर पर होल्ड हटाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।

आम जनता के लिए सीख

यदि कभी आपका बैंक खाता बिना किसी जानकारी के होल्ड होता है, तो घबराएं नहीं। यह साइबर पुलिस की प्राथमिक जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। नई एसओपी के तहत अब 15 दिनों के भीतर इसकी सूचना और वीसी के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर उपलब्ध है।

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