
रायगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ के कायाकल्प और वहां चिकित्सा सुविधाओं को हाई-टेक बनाने के लिए 50 करोड़ रुपए के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही, अब कैंसर पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, क्योंकि जल्द ही अस्पताल में कीमोथेरेपी की सुविधा शुरू होने जा रही है।
यह निर्णय रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति (स्वशासी समिति) की साधारण सभा की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस दौरान प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के प्रमुख फैसले और मिलने वाली सुविधाएं
1. 50 करोड़ से होगा कायाकल्प (गुणवत्ता पर विशेष जोर)
स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भवन में जीर्णोद्धार व मरम्मत कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को सख्त हिदायत दी कि निर्माण कार्य न केवल मजबूत और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, बल्कि दिखने में भी आधुनिक और बेहतर हो।
2. कैंसर की कीमोथेरेपी और HIV मरीजों के लिए ART सेंटर
अस्पताल में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए दो बड़े कदम उठाए गए हैं:
- कीमोथेरेपी सुविधा: कैंसर मरीजों को स्थानीय स्तर पर राहत देने के लिए जल्द कीमोथेरेपी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- ART सेंटर: एड्स (HIV) पीड़ित मरीजों के बेहतर इलाज और दवाओं की उपलब्धता के लिए ART (Anti-Retroviral Therapy) सेंटर प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
3. आयुष्मान योजना से तुरंत मिलेगी आपातकालीन दवाएं
अस्पताल में भर्ती मरीजों को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में दवाइयों की कमी न हो, इसके लिए आयुष्मान योजना के तहत अति आवश्यक emergency दवाओं को नियमानुसार तुरंत खरीदने की स्वीकृति दी गई है।
4. तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी पदों पर आउटसोर्स से भर्ती
अस्पताल की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर आवश्यकतानुसार आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
5. विभागाध्यक्षों को मिली 5,000 रु. की अग्रिम राशि
मरीजों के इलाज में छोटी-छोटी जरूरतों (दवाएं, केमिकल्स, किट्स, ग्लासवेयर आदि) के कारण कोई देरी न हो, इसके लिए सभी क्लिनिकल विभागाध्यक्षों (HoD) को 5,000 रुपए की अग्रिम राशि स्वशासी मद से देने और जिला कोषालय के माध्यम से नियमित बजट में समायोजित करने की स्वीकृति दी गई।
6. स्मार्ट पढ़ाई: हाई-टेक बनेंगे लेक्चर हॉल
चिकित्सा शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए एमबीबीएस (MBBS) और एमएस/एमडी (MS/MD) के सभी लेक्चर और डेमो हॉल्स को इंटरैक्टिव डिजिटल पैनल लगाकर हाई-टेक बनाया जाएगा। साथ ही, डॉक्टरों व छात्रों को रिसर्च पेपर पब्लिकेशन, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में शामिल प्रमुख हस्तियां
इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता (Dean) डॉ. संतोष कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री का संदेश: स्वीकृत किए गए सभी विकास कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि आम जनता को इन सुविधाओं का लाभ तुरंत मिलना शुरू हो सके।



