
क्या आपका बच्चा भी जल्दी थक जाता है, पढ़ाई में मन नहीं लगा पाता या बार-बार बीमार पड़ता है? अगर हां, तो इसकी एक बड़ी वजह पेट में होने वाले कृमि संक्रमण (पेट के कीड़े) हो सकते हैं। बच्चों को इस अनदेखी बीमारी से बचाने और उनके सेहतमंद भविष्य के लिए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग 10 अगस्त को राज्यव्यापी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) मनाने जा रहा है।इस विशेष अभियान के तहत प्रदेश के 1 से 19 वर्ष तक के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों और किशोर-किशोरियों को ‘एल्बेंडाजोल’ की दवा नि:शुल्क खिलाई जाएगी।
क्यों जरूरी है कृमि मुक्ति दवा?
पेट के कीड़े (कृमि संक्रमण) बच्चों के स्वास्थ्य के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक हैं। दूषित पानी, अस्वच्छ खान-पान, मिट्टी में नंगे पैर खेलने या शौच के बाद हाथ न धोने से यह संक्रमण तेजी से फैलता है।
कृमि संक्रमण के कारण:
- बच्चों के शरीर को भोजन का पूरा पोषण नहीं मिल पाता।
- बच्चा कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) का शिकार हो जाता है।
- शारीरिक विकास रुकने के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है।
स्कूलों और आंगनबाड़ियों में मिलेगी दवा
10 अगस्त को प्रदेश के सभी शासकीय व निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों व स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में यह दवा दी जाएगी:
- 1 से 2 वर्ष के बच्चे: एल्बेंडाजोल की आधी गोली (पीसकर पानी में घोलकर)।
- 2 से 19 वर्ष तक के बच्चे/युवा: एल्बेंडाजोल की 1 पूरी गोली (चबाकर खानी होगी)।
छूट गए बच्चों के लिए 17 अगस्त को ‘मॉप-अप दिवस’
यदि कोई बच्चा किसी कारणवश 10 अगस्त को दवा खाने से छूट जाता है, तो अभिभावकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे बच्चों के लिए 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा, जिसमें छूटे हुए सभी बच्चों को यह दवा खिलाई जाएगी।
अभिभावकों से स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी माता-पिता से आग्रह किया है कि वे इसे सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम न समझें, बल्कि अपने बच्चे के उज्ज्वल और सेहतमंद भविष्य का अवसर मानें। 10 और 17 अगस्त को अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र या स्कूल भेजकर कृमिनाशक दवा जरूर खिलवाएं।



