
छत्तीसगढ़: अगर आप सोचते हैं कि फ़िल्मों में ही तस्कर हैरान करने वाले तरीके आज़माते हैं, तो गरियाबंद पुलिस की इस ताज़ा कार्यवाही की कहानी आपको चौंका देगी। ओडिशा सीमा से सटे गरियाबंद जिले में नशे के सौदागरों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक ऐसा तरीका निकाला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। हालांकि, मुस्तैद गरियाबंद पुलिस ने उनके इस हाई-टेक और ‘फ़िल्मी’ प्लैन पर पानी फेर दिया।
टायर खोला तो उड़ गए होश!
घटना देवभोग थाना क्षेत्र के खुटगांव अंतर्राज्यीय पुलिस चेक पोस्ट की है। पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि ओडिशा की तरफ से एक मेटाडोर गांजा लेकर आ रही है। पुलिस जवानों ने जब संदेहास्पद मेटाडोर (क्रमांक CG 07 AY 3587) को रोककर सामान्य तलाशी ली, तो पहली नज़र में गाड़ी खाली दिख रही थी।
लेकिन जब गहराई से जांच की गई, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। तस्करों ने मेटाडोर के 6 पहियों (टायरों) के अंदर खांचे बनाकर गांजे को छुपाया हुआ था!
पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए टायरों से 1 क्विंटल 51 किलोग्राम (151 किलो) अवैध गांजा बरामद किया, जिसकी बाजार में कीमत 75 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। गांजे के साथ-साथ 20 लाख 25 हजार रुपये की मेटाडोर गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है।
🚨 एमपी और ओडिशा के 2 बड़े तस्कर गिरफ्तार
गांजे की इस बड़ी खेप के साथ दो राज्यों के तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा गया है:
- रोहित पांडेय (35 वर्ष) – निवासी: छतरपुर, मध्य प्रदेश।
- रमेश नायक (52 वर्ष) – निवासी: कालाहांडी, ओडिशा।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
‘ऑपरेशन निश्चय’: 8 महीनों में 5 करोड़ से अधिक का गांजा जब्त!
गरियाबंद जिला अन्य राज्यों की सीमाओं से लगा हुआ है, जिसका फायदा अक्सर तस्कर उठाने की कोशिश करते हैं। इसी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए रायपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश और गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन निश्चय’ चलाया जा रहा है।
विगत 8 महीनों के मुख्य आंकड़े:
- कुल दर्ज मामले: 44
- सलाखों के पीछे तस्कर: 86 (अंतर्राज्यीय एवं स्थानीय)
- कुल जब्त गांजा: 10 क्विंटल 80 किलो (1,080 किग्रा)
- जब्त गांजे की कीमत: ₹5,17,00000 (5 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक)
- जब्त वाहन: 32 वाहन (14 चारपहिया और 18 दोपहिया)
समाज के लिए संदेश और सतर्कता (जागरूकता)
नशा न सिर्फ एक इंसान को, बल्कि पूरे परिवार और समाज को दीमक की तरह खोखला कर देता है। तस्कर कम समय में अमीर बनने के चक्कर में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
गरियाबंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस अवैध कारोबार के खिलाफ यह सख्त रुख आगे भी जारी रहेगा।
आपकी सतर्कता, समाज की सुरक्षा: यदि आपको अपने आसपास, मोहल्ले या यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वाहन या अवैध नशे के कारोबार की जानकारी मिले, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। आपका एक छोटा सा कदम किसी का जीवन बचा सकता है।



