रायगढ़ की शान गजमार पहाड़ी अब बनेगी इको-पार्क और इको-टूरिज्म का नया केंद्र

अगर आप रायगढ़ के निवासी हैं या यहाँ घूमने आने वाले हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है! रायगढ़ की पहचान बन चुकी ऐतिहासिक गजमार पहाड़ी का अब कायाकल्प होने जा रहा है। यहाँ 8 करोड़ रुपये की लागत से इको-पार्क और इको-टूरिज्म स्थल का विकास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने हाल ही में इस भव्य परियोजना का भूमि पूजन किया, जिससे इस पहाड़ी को एक आधुनिक और नया रूप मिलेगा।
क्या-क्या होगा नया?
गजमार पहाड़ी पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए कई नई सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे उनका अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा। इन सुविधाओं में शामिल हैं।
- योग प्लेटफार्म: शांति और प्रकृति के बीच योगाभ्यास के लिए एक विशेष स्थान।
- वॉच टॉवर: शहर और आसपास के मनमोहक नज़ारों को देखने के लिए एक ऊँचाई वाला स्थान।
- पाँच पगोड़ा और कैंटीन: आराम करने, पिकनिक मनाने और स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद लेने के लिए शानदार जगहें।
- बच्चों के लिए खेल परिसर: बच्चों के मनोरंजन और खेल-कूद के लिए एक सुरक्षित और मजेदार क्षेत्र।
यह केवल एक धार्मिक स्थल का जीर्णोद्धार नहीं है, बल्कि रायगढ़ के पर्यटन और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गजमार पहाड़ी रायगढ़ की शान है और इसका विकास शहर को पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर ज़ोर
इस परियोजना का उद्देश्य सिर्फ विकास करना नहीं है, बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी है। श्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि सभी निर्माण कार्य पूरी ईमानदारी के साथ किए जाएँगे। उन्होंने हनुमान जी की भव्य मूर्ति के निर्माण के लिए लोगों से सहयोग की अपील की और खुद 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत योगदान देने की घोषणा की।
इसके अलावा, भविष्य में बालसमुंद तालाब का सौंदर्यीकरण, सड़क निर्माण, और पार्किंग जैसी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की योजना है। यह सब मिलकर रायगढ़ को एक बेहतर और अधिक आकर्षक शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह विकास कार्य रायगढ़ के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात है, जो न केवल उनकी आस्था का सम्मान करेगा, बल्कि उन्हें एक आधुनिक और सुंदर पर्यटन स्थल भी प्रदान करेगा।




