
बिलासपुर फैमिली कोर्ट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक तलाक के मामले की सुनवाई अचानक खूनी लड़ाई में बदल गई। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश निरंजन लाल चौहान की अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान, पति-पत्नी का विवाद इतना बढ़ गया कि कोर्ट रूम की शांति भंग हो गई।
मामला तब और भी बिगड़ गया जब पति अपनी गवाही दे रहा था। अचानक, गुस्से में आग-बबूला हुई पत्नी ने अपने आप पर से नियंत्रण खो दिया और भरी अदालत में अपने पति को ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ का वार इतना ताकतवर था कि पति का सिर अदालत कक्ष में रखी किसी लोहे की वस्तु से टकरा गया।
पलक झपकते ही पति के सिर से खून बहने लगा और कोर्ट रूम का शांत माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। यह सब जज के सामने हुआ, जिन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लिया और थाने ले गई।
यह घटना दिखाती है कि पारिवारिक विवाद कभी-कभी कितना हिंसक और भयावह रूप ले सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर न्याय के मंदिर में हिंसा की एक नई और खतरनाक मिसाल पेश की है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



