छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले स्थायी न्यायाधीश: जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की नियुक्ति

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को एक महत्वपूर्ण न्यायिक स्थायीकरण प्राप्त हुआ है, क्योंकि जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। यह घोषणा 8 अगस्त, 2025 को केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से की। भारत सरकार के न्याय विभाग ने भी इस नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एक आदेश जारी किया है।
अतिरिक्त से स्थायी तक का सफर
जस्टिस अग्रवाल, जिन्होंने पहले 20 अक्टूबर, 2023 से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्य किया था, अब अपनी सेवा को स्थायी दर्जा दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने उनकी स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। यह पदोन्नति न केवल जस्टिस अग्रवाल के न्यायिक करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक स्थिरता और कार्यप्रवाह की निरंतरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
एक संक्षिप्त परिचय: जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल का जन्म 31 जुलाई, 1968 को छत्तीसगढ़ के भाटापारा में हुआ था। उनकी पारिवारिक जड़ें गहरी हैं; उनके पिता स्वर्गीय डॉ. जी. पी. अग्रवाल एक प्रसिद्ध सेवानिवृत्त सर्जिकल विशेषज्ञ थे, और उनकी माता चंद्रमुखी अग्रवाल हैं।
उनकी शैक्षिक यात्रा इस प्रकार रही:
- उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रायपुर और बिलासपुर के प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की।
- उच्च शिक्षा के लिए, उन्होंने राजनांदगांव के शासकीय दिग्विजय कॉलेज से बीएससी की डिग्री प्राप्त की।
- इसके बाद, 1991 में, उन्होंने राजनांदगांव के लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल कर कानूनी पेशे में प्रवेश किया।
यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के कानूनी परिदृश्य में एक सकारात्मक विकास है, जो उच्च न्यायालय में अनुभव और विशेषज्ञता को और मजबूत करेगी।



