बिलासपुर पुलिस ने ‘रक्षा का वादा – सुरक्षा का इरादा, राखी की डोर- क़ानून की ओर’ थीम पर एक अनूठा चेतना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसने शहर में पुलिस और नागरिकों के बीच एक गहरा और पवित्र रिश्ता कायम किया है। यह पहल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (आईपीएस) द्वारा चलाए जा रहे चेतना अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण और जन जागरूकता बढ़ाना है।

पुलिस और बच्चियों का अटूट बंधन
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर, स्कूल और कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं ने बिलासपुर पुलिस के जवानों को राखी बांधकर अपनी सुरक्षा का वचन लिया। यह नजारा पुलिस लाइन में देखने को मिला, जहां लगभग 200 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बच्चियों ने रक्षा सूत्र बांधे। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अर्चना झा, डीएसपी श्रीमती मंजुलता केरकेट्टा, डीएसपी श्रीमती भारती मरकाम, रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र गुप्ता और अन्य महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद रहीं, जिन्हें बच्चियों ने स्नेहपूर्वक राखी बांधी और उनसे हमेशा रक्षा करने का वादा लिया।

यह पहल विशेष रूप से महिलाओं और बच्चियों को पुलिस से जोड़ने में सफल रही है, जिससे आपराधिक गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी और एक सुरक्षित समाज का निर्माण होगा।
सड़कों पर भी मना रक्षाबंधन का पर्व
त्योहार के दौरान भी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहने वाले ट्रैफिक पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मियों को भी इस कार्यक्रम के तहत सम्मान दिया गया। महिला और बच्चों ने चौक-चौराहों पर तैनात जवानों को राखी बांधकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इन जवानों को, जो दिन-रात शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, राखी बांधकर उनके सम्मान को और बढ़ाया गया। यह दर्शाता है कि बिलासपुर पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के हर नागरिक से जुड़ा एक संवेदनशील परिवार है।

बिलासपुर पुलिस के इस कार्यक्रम को सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे पुलिस हर आयु वर्ग के लोगों में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल रही है। यह आयोजन बिलासपुर पुलिस और शहर के लोगों के बीच सुरक्षा और शांति को मजबूत करने का एक बेहतरीन उदाहरण है।




