गुरु घासीदास विश्वविद्यालय: शिक्षा के मंदिर में अनुशासन का पाठ और कोनी पुलिस की त्वरित कार्यवाही

न्यायधानी का गौरव कहे जाने वाले गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में इन दिनों हलचल तेज है। जहाँ एक ओर विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक कार्यों और नए सत्र (2026-27) के एडमिशन की तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर परिसर के भीतर अनुशासन बनाए रखना पुलिस और प्रशासन के लिए एक चुनौती बना हुआ है।
हाल ही में विश्वविद्यालय के तांतया भील बालक छात्रावास में एक ऐसी घटना घटी जिसने छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए। महज ‘आलूगुंडा’ नाश्ते को लेकर हुए मामूली विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि मेस कर्मचारियों ने छात्र पर चाकू से हमला करने की कोशिश की।
🚨 क्या है पूरा मामला?
11 जनवरी 2026 की शाम, हॉस्टल मेस में नाश्ता वितरण के दौरान छात्र हर्ष अग्रवाल ने जब मेस कर्मचारी दीपक केवट और दीपेंद्र केवट से अन्य छात्र को नाश्ता देने की बात कही, तो विवाद शुरू हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि कर्मचारियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि मेस प्लेटफॉर्म पर चढ़कर चाकू लहराते हुए छात्र को जान से मारने की धमकी दी।
कोनी पुलिस की मुस्तैदी:
शिकायत मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री पंकज पटेल व नगर पुलिस अधीक्षक श्री गगन कुमार (भा.पु.से.)के मार्गदर्शन में कोनी पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। आरोपियों पर BNS की धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी कड़ी कार्यवाही की गई है।
🔍 GGU में वर्तमान माहौल: जागरूकता की जरूरत
विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ समय से कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं। एक तरफ जहाँ कुलपति और साहित्यकारों के बीच हुए विवाद ने बौद्धिक गलियारों में हलचल मचाई है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
सावधान रहें छात्र:
- परिसर में विवादों से बचें: छोटी-छोटी बातों पर आक्रोशित होने के बजाय संयम बरतें और किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल हॉस्टल वार्डन या पुलिस को सूचित करें।
- साइबर सुरक्षा का ध्यान रखें: हाल के दिनों में बिलासपुर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़े हैं। विश्वविद्यालय के छात्र, जो तकनीक से जुड़े हैं, वे विशेष रूप से इन ठगों के निशाने पर हो सकते हैं।
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना: हॉस्टल या कैंपस के आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को नजरअंदाज न करें।
📢 कोनी पुलिस की अपील
“शिक्षा का केंद्र शांति और अनुशासन का प्रतीक होना चाहिए। हम छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके लिए छात्रों और नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है।”
👉 किसी भी आपात स्थिति में डायल करें: 112
👉 अवैध गतिविधियों की जानकारी दें: स्थानीय थाना – कोनी - विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की सख्ती यह संदेश देती है कि कैंपस में गुंडागर्दी या अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और एक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने में मदद करें।



