छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियाँ तेज़ — राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की प्रथम बैठक संपन्न

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति के साथ सुनहरे भविष्य की इबारत लिखी जाने वाली है! भारत की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ का बिगुल बज चुका है और छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है।
छत्तीसगढ़: पहली डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद!
राजधानी रायपुर में मुख्य सचिव श्री विकास शील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की पहली बैठक संपन्न हुई। यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास की नई आधारशिला रखने का अभियान है।
स्मार्ट जनगणना: अब मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह
इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है। छत्तीसगढ़ के घर-घर में जब प्रगणक आएंगे, तो उनके हाथों में कागजों के ढेर नहीं बल्कि स्मार्ट मोबाइल ऐप होगा। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा रीयल-टाइम अपडेट होगा।
स्व-गणना (Self Enumeration): आपकी जानकारी, आपके हाथ
अब आपको प्रगणक के आने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं! इस बार ‘स्व-गणना’ की विशेष सुविधा दी जा रही है। आम नागरिक स्वयं वेब-पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी सुरक्षित तरीके से दर्ज कर सकेंगे। यह कदम न केवल आधुनिक है, बल्कि नागरिक-अनुकूल और बेहद सुविधाजनक भी है।
दो चरणों में तैयार होगा भविष्य का रोडमैप
छत्तीसगढ़ में जनगणना की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से दो मुख्य चरणों में बांटा गया है:
- प्रथम चरण (मकानों की गिनती): 01 अप्रैल से 30 सितम्बर 2026 के बीच। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि यह 30 दिनों की अवधि इस तरह तय हो कि बच्चों की पढ़ाई और मानसून में कोई बाधा न आए।
- द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): फरवरी 2027 में पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ के हर कोने में गणना की जाएगी। शिक्षा विभाग को इसके लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर अभी से एडजस्ट करने को कहा गया है।
तैयारियां और ट्रायल: छत्तीसगढ़ रहा सफल
जनगणना का ‘ट्रायल रन’ छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कुकदूर), महासमुंद और रायपुर नगर निगम के चयनित क्षेत्रों में सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस महाभियान को सफल बनाने के लिए राज्य के करीब 63 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक मैदान में उतरेंगे।
मिशन मोड में प्रशासन
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने इसे ‘मिशन मोड’ में पूरा करने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी विभागों को एक-एक ‘नोडल अधिकारी’ नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि समन्वय में कोई कमी न रहे। गृह विभाग इस पूरे अभियान का मुख्य सारथी (नोडल विभाग) होगा।
मुख्य सचिव की अपील: > “जनगणना 2027 हमारे राज्य की नीतियों और संसाधनों के सही बँटवारे की बुनियाद है। सटीक और पारदर्शी डेटा के लिए हर नागरिक का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है।”



