
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। जिस आरोपी को पुलिस एक युवती की अंधी हत्या (Blind Murder) के मामले में ढूंढ रही थी, उसकी गिरफ्तारी ने शहर के बड़े चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से दबोचा है।
होटल में हत्या, फिर बाइक पर लाश लेकर पहुंचे रायपुर
इस खौफनाक वारदात की शुरुआत 20 नवंबर को हुई। मुख्य आरोपी हरीश पटेल ने अपनी महिला मित्र (मृतका) को दुर्ग के एक होटल में मिलने बुलाया। वहां शारीरिक संबंध बनाने के दबाव और विवाद के बीच आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसे मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाकर दुर्ग से रायपुर तक ले आए और न्यू राजेन्द्र नगर के अमलीडीह स्थित एक खाली प्लॉट में फेंक दिया। 22 नवंबर को पुलिस को युवती की लाश मिली थी, जिसके बाद से ही एन्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट (ACCU) और रायपुर पुलिस की टीमें कातिल की तलाश में जुटी थीं।
हत्यारे के पास मिला 60 लाख का खजाना
जब पुलिस ने मुख्य आरोपी हरीश पटेल को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं। आरोपी सिर्फ कातिल ही नहीं, बल्कि एक शातिर चोर भी निकला। उसने अपने साथियों अरविंद नेताम और उषा राठौर के साथ मिलकर शहर के विधानसभा, डी.डी. नगर और मुजगहन इलाकों में एक दर्जन सूने मकानों में हाथ साफ करना कबूल किया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किया:

- 400 ग्राम सोने के जेवरात
- 3 किलो चांदी के गहने
- कुल 60 लाख रुपये की भारी-भरकम मशरूका (सामान व नगदी)
- घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल फोन
प्रयागराज में छिपा था कातिल
हत्या के बाद आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई जिलों में भागा, लेकिन अंत में पुलिस ने उसे प्रयागराज (यूपी) से धर दबोचा। इस पूरी कार्रवाई में रायपुर की साइबर यूनिट और चार थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से काम किया।
गिरफ्तार आरोपी: - हरीश पटेल (मुख्य आरोपी, रायपुर)
- अरविंद नेताम (राजनांदगांव)
- उषा राठौर (भिलाई)
(एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है)



