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बस्तर में खूनी खेल! UP के ठेकेदार इम्तियाज अली को मारकर जंगल में फेंका, क्या विकास की राह रोकने की साजिश?

बीजापुर, छत्तीसगढ़: बस्तर संभाग का बीजापुर जिला एक बार फिर लाल आतंक की चपेट में आ गया है। जहाँ एक तरफ सुरक्षा बल लगातार नक्सल सर्च अभियान चलाकर उनके गढ़ों को तोड़ रहे हैं, वहीं नक्सलियों ने एक दहशतगर्द कार्यवाही को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
नक्सलियों ने उत्तर प्रदेश के निवासी एक ठेकेदार इम्तियाज अली की नृशंस हत्या कर दी है। हत्या के बाद उनके शव को जंगल में फेंक दिया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
🚨 हत्याकांड की मुख्य बातें:
- मृतक की पहचान: इम्तियाज अली, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी थे।
- कार्यक्षेत्र: वह लंबे समय से नारायणपुर जिले के धोडाई गांव में रहकर ठेकेदारी का काम कर रहे थे।
- निशाना क्यों?: सूत्रों के अनुसार, इम्तियाज अली विकास परियोजनाओं से जुड़े थे, और नक्सली विकास कार्यों को अपने प्रभाव क्षेत्र में सरकारी दखल मानते हैं।
- पुलिस की पुष्टि: बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र यादव ने इस सनसनीखेज घटना की पुष्टि कर दी है।
❓ सवाल बड़ा है: ऑपरेशन के बाद भी इतनी हिम्मत क्यों?
सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियानों, नए कैम्पों की स्थापना और बड़े नक्सली लीडरों के मारे जाने के बावजूद नक्सलियों का यह दुस्साहस कई सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इम्तियाज अली की हत्या महज एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि नक्सलियों द्वारा दिया गया एक सीधा चेतावनी संदेश है। वे यह दिखाना चाहते हैं कि सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद, उनका खूनी प्रभाव अभी भी बरकरार है।
क्या यह हत्या ठेकेदारों और कर्मचारियों को डराकर विकास कार्यों को रोकने की एक सुनियोजित साजिश है? क्या नक्सली बौखलाहट में आकर सॉफ्ट टारगेट को निशाना बना रहे हैं?



