
चार साल तक पुलिस को चकमा देने वाला और दो बार पुलिस हिरासत से फरार हो चुका कुख्यात डकैत धनीराम घृतलहरे आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। धनीराम के खिलाफ डकैती, लूट और पुलिस हिरासत से भागने जैसे गंभीर मामलों में कुल 5 केस दर्ज हैं, और उसकी गिरफ्तारी पर नगद इनाम भी घोषित किया गया था।
कैसे शुरू हुई धनीराम की फरारी?
धनीराम की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उसके गुनाहों की शुरुआत महासमुंद और रायपुर के आसपास शराब दुकानों में डकैती से हुई। महासमुंद में दो अलग-अलग डकैती मामलों में आरोपी धनीराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। लेकिन, 17 मई 2021 को तबीयत खराब होने के कारण उसे जिला जेल महासमुंद से इलाज के लिए रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल लाया गया।
यहीं से शुरू हुई उसकी फरारी का सिलसिला।
पहली फरारी: अस्पताल से गायब
इलाज के दौरान, 19 मई 2021 को धनीराम पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से भाग गया। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। गोलबाजार थाने में उसके खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने का मामला दर्ज किया गया।
दूसरी फरारी: चलती गाड़ी से कूदकर भागा
पुलिस ने उसकी तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी। आखिरकार, 11 नवंबर 2021 को उसे तिल्दा-नेवरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन, धनीराम के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। जब उसे एक चारपहिया वाहन में बैठाकर रायपुर लाया जा रहा था, तब उसने चलती गाड़ी में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। उसने गाड़ी का शीशा तोड़ा, शीशे के टुकड़ों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर उन्हें घायल किया और हथकड़ी सहित ही दोबारा भागने में कामयाब रहा। इस दुस्साहसिक घटना के बाद उसके खिलाफ विधानसभा थाने में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमले का एक और मामला दर्ज किया गया।
तीसरी बार पकड़ा गया, पर इस बार नहीं बच सका
दो बार की फरारी के बाद पुलिस ने धनीराम को पकड़ने के लिए अपनी रणनीति बदली। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गोलबाजार पुलिस की एक संयुक्त टीम ने उस पर पैनी नज़र रखी। मुखबिरों का जाल बिछाया गया, तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया गया और लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।
हाल ही में, पुलिस को धनीराम के रायपुर में ही छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली। टीम ने तुरंत उसके ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही धनीराम ने भागने की कोशिश की, जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं। आखिरकार, लंबे समय से फरार चल रहा यह कुख्यात अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
धनीराम घृतलहरे के खिलाफ कुल 5 मामले दर्ज हैं और कोर्ट ने उसके लिए स्थायी वारंट भी जारी किया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- नाम: धनीराम घृतलहरे
- पिता: सरजू घृतलहरे
- उम्र: 30 वर्ष
- पता: ब्लॉक 12, मकान नंबर 28, पीएम आवास टेकारी मोड़, दलदलसिवनी, थाना पंडरी (मोवा), रायपुर



