
रायपुर रेंज पुलिस ने नशे के कारोबार और अपराध पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है, जिसका नाम है “ऑपरेशन निश्चय” (N.I.S.C.H.A.Y.)। इस अभियान का मकसद युवाओं और समाज को सुरक्षित भविष्य देना है।
ऑपरेशन के तहत, पाँच जिलों में एक साथ 250 से ज़्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस बड़ी कार्रवाई में 100 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 1600 से ज़्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे।
आज की कार्यवाही की मुख्य बातें
- पाँच जिलों में छापेमारी: धमतरी, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद और गरियाबंद में पुलिस ने तड़के सुबह 4 बजे से ही कार्रवाई शुरू कर दी।
- बड़ी संख्या में गिरफ्तारी: इस अभियान में 100 आरोपियों को नारकोटिक्स (NDPS), आबकारी और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
- फरार आरोपियों की धर-पकड़: नशे के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 31 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 13 पर स्थायी वारंट थे।
- नशीले पदार्थों की ज़ब्ती: पुलिस ने 34 किलो से ज़्यादा गांजा, 13.06 ग्राम हेरोइन और बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयाँ जब्त की हैं।
- छोटे पेडलर्स पर निशाना: पुलिस ने इस अभियान में खासतौर पर उन छोटे पेडलर्स को निशाना बनाया, जो गली-मोहल्लों और दुकानों के माध्यम से नशा बेचते हैं।
- नशामुक्ति की पहल: कार्रवाई के बाद, 31 संदिग्धों को परेड कराकर नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई, ताकि वे अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौट सकें।
इस अभियान में पुलिस ने सिर्फ नशा तस्करों पर ही नहीं, बल्कि अवैध शराब और हथियारों के कारोबारियों पर भी शिकंजा कसा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि अंतरराज्यीय और अंतरजिला नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
अपराध के खिलाफ एक निर्णायक संदेश
“ऑपरेशन निश्चय” सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि रायपुर रेंज पुलिस का एक सशक्त संदेश है। यह दिखाता है कि पुलिस नशे और अपराध के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेगी। इस अभियान से उन लोगों में खौफ पैदा होगा जो युवाओं के भविष्य को नशे के जाल में फंसा रहे हैं।
यह ऑपरेशन समाज में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वे अपराधियों और तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शेंगे नहीं।


