अपहरण का चौंकाने वाला खुलासा: 8 साल के मासूम को बचाने में जांजगीर पुलिस की बड़ी सफलता

मुलमुला थाना क्षेत्र से अपहरण हुए 8 वर्षीय बालक को जांजगीर पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। यह एक चौंकाने वाला मामला था, जिसमें फिरौती के लालच और पुराने जमीन विवाद के कारण मासूम का अपहरण उसी के चचेरे भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर किया था। पुलिस की तत्परता और साइबर टीम की मदद से अपहृत बच्चे को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से सुरक्षित छुड़ाया गया।
क्या था मामला?
थाना मुलमुला में 8 साल के बालक के गुम होने की खबर मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और हजारों मोबाइल नंबरों की पड़ताल की। इसी दौरान पुलिस को एक बड़ी जानकारी मिली। सीसीटीवी फुटेज में बालक को उसी के चचेरे भाई राहुल टंडन के साथ देखा गया।
फिरौती और जमीन का विवाद
पुलिस ने जब राहुल टंडन से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। उसने खुलासा किया कि उसने अपने दो साथियों प्रशांत कुमार मैना और उमेश दिवाकर के साथ मिलकर इस अपहरण की साजिश रची थी। इस साजिश का मुख्य मकसद बालक के पिता से पुराने जमीन विवाद का बदला लेना और 10 लाख रुपये की फिरौती वसूलना था।
दिलचस्प बात यह है कि राहुल टंडन ने पुलिस की जांच में सहयोग करने का दिखावा भी किया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। लेकिन साइबर टीम और स्थानीय पुलिस की सूझबूझ और मेहनत के आगे उसकी चालाकी काम नहीं आई। पुलिस ने तुरंत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में दबिश देकर बालक को सकुशल बरामद कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इस सफल ऑपरेशन के लिए जांजगीर के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने पूरी टीम की जमकर सराहना की। इस टीम में थाना प्रभारी मुलमुला निरीक्षक पारस पटेल और साइबर टीम के निरीक्षक सागर पाठक समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनकी मेहनत और लगन से यह सफलता मिली।


