
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को रंगे हाथों पकड़ा है। इस दौरान 165 घन मीटर रेत जब्त की गई, जिसकी कीमत लाखों में है। विभाग ने इन चारों पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। खनिज विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई सहायक खनिज अधिकारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में की गई। टीम ने जिले के कई इलाकों में अचानक दबिश दी। इस दौरान उन्हें ग्राम कौही, केसरा और बोरेंदा में चार अलग-अलग जगहों पर बड़े पैमाने पर अवैध रेत का स्टॉक मिला। यह रेत बिना किसी सरकारी अनुमति के जमा करके रखी गई थी।
जिन लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है, उनमें कमलेश सोनकर, राकेश सोनकर, दोमेन्द्र मारकंडे और हेमू सोनकर शामिल हैं। इन चारों के खिलाफ एमएमडीआर एक्ट के तहत केस तैयार किया जा रहा है, जिसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कलेक्टर के न्यायालय में पेश किया जाएगा।
रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रैक्टर भी पकड़े गए
खनिज विभाग की टीम ने केवल भंडारण ही नहीं, बल्कि अवैध परिवहन पर भी शिकंजा कसा। इसी जांच के दौरान दो सोल्ड ट्रैक्टर पकड़े गए, जो बिना किसी रायल्टी पर्ची के अवैध तरीके से रेत ढो रहे थे। विभाग ने इन दोनों ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया और उन्हें रानीतराई थाने के सुपुर्द कर दिया गया है।
खनिज विभाग की यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार अब खनिज संसाधनों की चोरी को लेकर सख्त हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस तरह की कार्रवाई से रेत माफियाओं के नेटवर्क पर लगाम लग पाती है या नहीं।



