जागरूकतासेहत

‘आयुष्मान’ का इंतजार खत्म, 375 करोड़ की पहली किस्त जारी- क्या अब अस्पतालों को मिलेगी राहत?

छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने वाले निजी अस्पतालों के लिए आखिरकार एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। महीनों की देरी और भुगतान अटकने की शिकायतों के बाद, सरकार ने लंबित बकाया का भुगतान शुरू कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित राशि में से 375 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिससे अस्पताल संचालकों और मरीजों दोनों को बड़ी उम्मीद जगी है।

यह खबर उन अस्पतालों के लिए सुकून लेकर आई है, जो लंबे समय से बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे थे। पिछले कई महीनों से, सरकारी उदासीनता और ढीले-ढाले रवैये के चलते इन अस्पतालों के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया था। भुगतान में विलंब के कारण कई निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज करने में हिचकिचा रहे थे, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा था।


स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि सरकार नागरिकों के हितों के प्रति पूरी तरह से सजग है और निजी अस्पतालों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य सेवाएँ सरकार की प्राथमिकता हैं और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बकाया राशि का भुगतान शुरू हो चुका है और जल्द ही बाकी सभी क्लेम भी सेटल कर दिए जाएंगे।


इस भुगतान से अस्पतालों को न सिर्फ वित्तीय स्थिरता मिलेगी, बल्कि वे आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को पहले की तरह सुचारू रूप से जारी रख पाएंगे। अब देखना यह है कि क्या यह पहली किस्त सिर्फ एक शुरुआत है या सरकार बाकी के भुगतान को भी जल्द से जल्द पूरा कर पाती है।

Join Dainik Bodh Whatsapp Community

Related Articles

Back to top button