
छत्तीसगढ़ के दो होनहार युवा, रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू, ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से प्रदेश का नाम रोशन किया है। हाल ही में उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसके बाद आज उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों प्रतिभाशाली युवाओं को उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने देवाशीष और मनतृप्त कौर को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित इस विशिष्ट समारोह में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों में से छत्तीसगढ़ के तीन प्रतिभागियों – रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा – को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया था। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है कि इतने प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए छत्तीसगढ़ से इतने सारे नाम चुने गए।

देवाशीष मखीजा ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में प्रदान किया जाता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि इससे पहले उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण उन्हें लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ा रहे हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा और रेंजर मनतृप्त कौर के पिता श्री गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित रहे। यह मुलाकात न केवल इन युवाओं की उपलब्धियों का सम्मान थी, बल्कि यह प्रदेश के अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेगी कि वे अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयासरत रहें। छत्तीसगढ़ सरकार भी ऐसे प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।



