

राजधानी की सड़कों पर खड़ी कारों का कांच तोड़कर पलक झपकते ही लाखों का माल पार करने वाले अंतर्राज्यीय ‘त्रिची गिरोह’ का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। तमिलनाडु के तिरूच्चिराप्पल्ली (त्रिची) से ताल्लुक रखने वाले इस गिरोह के 6 सदस्यों को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के 8 से ज्यादा राज्यों में पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
‘रामजी नगर’ से शुरू होता है अपराध का सफर
पुलिस की जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी मूलतः तमिलनाडु के रामजी नगर के निवासी हैं, जिसे देश भर में ऐसे शातिर गिरोहों का गढ़ माना जाता है। इस गिरोह के सदस्य इतने पेशेवर हैं कि वे किसी होटल में रुकने के बजाय रेलवे स्टेशनों को अपना ठिकाना बनाते हैं। वे बिना टिकट ट्रेन में सफर करते हैं ताकि पुलिस की रिकॉर्ड बुक से बच सकें।
96 घंटे का ‘सस्पेंस’ और रांची में घेराबंदी
रायपुर के गंज और देवेंद्र नगर इलाके में 12 जनवरी को हुई दो बड़ी चोरियों के बाद पुलिस की नींद उड़ गई थी। आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में गठित 6 टीमों ने ऑपरेशन शुरू किया।
- गरियाबंद में फेंका लैपटॉप: आरोपियों ने पुलिस को भटकाने के लिए चोरी का लैपटॉप गरियाबंद के पास फेंक दिया था, लेकिन साइबर सेल ने इसे महज 6 घंटे में ट्रैक कर लिया।
- हजारों सीसीटीवी कैमरों की छानबीन: पुलिस ने रायपुर से लेकर दुर्ग, डोंगरगढ़, सम्बलपुर और टाटानगर तक हजारों कैमरों के फुटेज खंगाले। अंततः लोकेशन रांची के धुरवाडैम में मिली, जहां ये अगली वारदात की तैयारी में थे।
बुजुर्ग चेहरों के पीछे छिपे शातिर अपराधी
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से अधिकांश की उम्र 40 से 60 वर्ष के बीच है। इनकी पहचान किट्टू (55), कुमरेशन डी. (60), भास्कर (55) और रंगन (56) जैसे उम्रदराज व्यक्तियों के रूप में हुई है, जो अपनी सादगी का फायदा उठाकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करते थे।
देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में गिरोह ने स्वीकार किया है कि वे केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में भी दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। रायपुर पुलिस अब इन राज्यों की पुलिस के साथ डेटा साझा कर रही है ताकि इनके पुराने मामलों का खुलासा हो सके।
बरामदगी: - एप्पल लैपटॉप और सैमसंग टैब
- 25,000 रुपये नकद
- सोने के सिक्के और वारदात में प्रयुक्त मोबाइल
रायपुर पुलिस की अपील: अपनी कार की सीटों पर कभी भी लैपटॉप बैग, नकदी या कीमती सामान न छोड़ें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही इस शातिर गिरोह का अगला निशाना बन सकती है।


