
न्यायधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने और अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए बिलासपुर पुलिस ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के कुशल नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘प्रहार अभियान’ के तहत जिले भर में एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की गई। 04 और 05 जनवरी की दरम्यानी रात जब शहर सो रहा था, तब पुलिस की टीमें सड़कों पर थीं, जिसका परिणाम 140 गिरफ्तारियों के रूप में सामने आया है।
रात भर चला ‘कॉम्बिंग गश्त’: वारंटियों और बदमाशों की धरपकड़
इस विशेष अभियान की योजना बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से बनाई गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर/ग्रामीण) और ACCU की टीम ने CSP और SDOP के साथ मिलकर सभी थाना प्रभारियों को मैदान में उतारा। तड़के शुरू हुई इस ‘कॉम्बिंग गश्त’ ने अपराधियों को संभलने का मौका भी नहीं दिया।
गिरफ्तारी का विश्लेषण:
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस कार्रवाई में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को प्राथमिकता दी गई:
- स्थायी वारंटी: 30 ऐसे अपराधी जो लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहे थे।
- गिरफ्तारी वारंटी: 69 आरोपियों को विभिन्न मामलों में वारंट तामील कराते हुए पकड़ा गया।
- फरार आरोपी: 23 आरोपी जो गंभीर अपराधों के बाद पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।
- निगरानी बदमाश: 06 संदिग्ध गुंडा/निगरानी बदमाशों पर भी शिकंजा कसा गया ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
अवैध हथियारों पर प्रहार: आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
केवल वारंट तामील करना ही इस अभियान का उद्देश्य नहीं था, बल्कि सड़कों पर खुलेआम हथियार लेकर घूमने वाले तत्वों को भी चिन्हित किया गया। थाना तोरवा, सिविल लाइन, कोनी और चकरभाठा क्षेत्रों में चेकिंग के दौरान 05 आरोपियों को अवैध धारदार हथियारों के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, जो अपराधियों को एक कड़ा संदेश है कि शहर में ‘हथियार संस्कृति’ के लिए कोई जगह नहीं है।
जन-शिकायतों का त्वरित समाधान: पुलिसिंग का मानवीय चेहरा
‘प्रहार अभियान’ का एक सबसे सराहनीय पहलू शिकायतों का त्वरित निराकरण रहा। 03 और 04 जनवरी को चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर 248 शिकायतों को सुलझाया। - इसमें 125 सामान्य (सादरी) शिकायतें और 123 स्थानीय विवाद शामिल थे।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि बिलासपुर पुलिस केवल अपराधियों को पकड़ने में ही नहीं, बल्कि आम जनता की छोटी-बड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाने में भी विश्वास रखती है।




