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सावधान! छत्तीसगढ़ में RTO ई-चालान के नाम पर हो रहा बड़ा साइबर फ्रॉड; एक गलत क्लिक और खाली हो सकता है आपका बैंक खाता

अगर आपके मोबाइल पर भी ट्रैफिक नियम तोड़ने और चालान भरने का कोई मैसेज आया है, तो संभल जाइए! यह मैसेज आपको कानूनी पचड़े से बचाने के बजाय आपके बैंक खाते को साफ करने की एक गहरी साजिश हो सकता है। छत्तीसगढ़ में इन दिनों साइबर ठगों ने परिवहन विभाग (RTO) के नाम पर लूट का नया तरीका निकाला है।

असली और नकली चालान के चित्र

कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल? (विश्लेषण)

साइबर अपराधी हूबहू परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट जैसा दिखने वाला एक ‘क्लोन पेज’ या फर्जी वेबसाइट बना रहे हैं। ठगी का तरीका बेहद मनोवैज्ञानिक है:

  • डर का माहौल: अपराधी आम नागरिकों को मैसेज भेजते हैं कि उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ा है और भारी जुर्माना न भरने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
  • फर्जी लिंक: मैसेज में एक लिंक (URL) दिया जाता है, जो देखने में असली लगता है, लेकिन वह एक जाल होता है।
  • डेटा चोरी: जैसे ही कोई इस लिंक पर क्लिक कर अपनी जानकारी भरता है, उसकी निजी डिटेल और बैंक एक्सेस अपराधियों के हाथ लग जाता है।
    असली और नकली की पहचान कैसे करें?
    यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ठग अक्सर अनजान मोबाइल नंबरों या APK फाइल के जरिए संदेश भेजते हैं। आधिकारिक संदेश हमेशा विभाग के रजिस्टर्ड आईडी से आते हैं और उनमें किसी भी निजी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने की बात नहीं कही जाती।
    सुरक्षित भुगतान का सही तरीका (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
    धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। प्रक्रिया इस प्रकार है:
  • सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल echallan.parivahan.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर मौजूद ‘Pay Online’ विकल्प का चुनाव करें।
  • अपना चालान नंबर, वाहन नंबर या DL नंबर दर्ज करें।
  • दिए गए कैप्चा कोड को भरकर ‘Get Detail’ पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक OTP आएगा, जिसे डालने के बाद ही आप चालान का पूरा विवरण देख पाएंगे और भुगतान कर सकेंगे।
    परिवहन विभाग की नागरिकों से अपील
    विभाग ने स्पष्ट किया है कि यातायात पुलिस कभी भी किसी अजनबी के माध्यम से या निजी कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती है। नागरिकों से अनुरोध है कि:
  • किसी भी अजनबी को ऑनलाइन पेमेंट न करें।
  • संदिग्ध मैसेज में दिए गए लिंक या ऐप (APK) को डाउनलोड न करें।
  • अपने बैंक खाते और OTP की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
    शिकायत कहाँ करें?
    यदि आप किसी भी प्रकार के फर्जी कॉल, मैसेज या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए अपने नजदीकी पुलिस थाने या जिले के साइबर सेल में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराएं। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।
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