कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हो रही यह घटना काफी तनावपूर्ण स्थिति में पहुँच चुकी है। इस विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुए लाठीचार्ज को लेकर वर्तमान में जो अपडेट्स सामने आ रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:
घटना का मुख्य कारण
ग्रामीणों का यह उग्र प्रदर्शन आमाबेड़ा को तहसील का दर्जा दिलाने और क्षेत्र की अन्य स्थानीय मांगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी था। ग्रामीण चक्काजाम कर रहे थे, जिसके कारण यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया था।
लाठीचार्ज और झड़प
- तनाव की स्थिति: पुलिस और प्रशासन ने जब जाम हटवाने की कोशिश की, तो ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई।
- बल प्रयोग: भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके जवाब में ग्रामीणों की ओर से पत्थरबाजी की खबरें भी आई हैं।
- घायल: इस झड़प में कई ग्रामीण घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आने की सूचना है।
आगजनी और तोड़फोड़
- आगजनी: लाठीचार्ज के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने ‘चर्चा’ (आमाबेड़ा के पास का क्षेत्र) में आगजनी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाए और कुछ सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।
- दहशत का माहौल: फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है।
SDM और प्रशासन की भूमिका
- SDM की अनुपस्थिति: मौके से SDM और उच्चाधिकारियों की “गायब” होने या समय पर न पहुँचने की खबरों ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। जनता का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों को सुनने के बजाय बल का प्रयोग कर रहा है।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल आमाबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बातचीत के जरिए मामले को सुलझाया जा सके।



