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IGरामगोपाल गर्ग के नवाचारों को राष्ट्रीय स्वीकृति: ‘त्रिनयन’ एवं ‘सशक्त’ राष्ट्रीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल

दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री रामगोपाल गर्ग द्वारा विकसित किए गए दो महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचारों, ‘त्रिनयन’ और ‘सशक्त’, को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने इन नवाचारों को स्मार्ट पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानते हुए, इन्हें अपने ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया है।इस समावेश के साथ, आईजी दुर्ग द्वारा विकसित यह तकनीकी मॉडल अब देश भर के पुलिस बलों के प्रशिक्षण का अभिन्न अंग बन गया है।। 🌟 प्रशिक्षण का माध्यम एवं उद्देश्य : – यह पाठ्यक्रम ‘इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग’ (iGOT) कर्मयोगी ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म पर शुरू किया गया है।
- उद्देश्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों को उन्नत कौशल, क्षमता निर्माण और दक्षता से लैस करना है।
- समावेशन: BPR&D द्वारा यह निर्णय पुलिस कर्मियों के पंजीकरण उपरान्त उन्हें नवीनतम पुलिसिंग तकनीकियों का ज्ञान प्रदान करने हेतु लिया गया है।
📱 महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचारों का संक्षिप्त विवरण - 1. त्रिनयन (Trinayan):
यह प्रणाली सीसीटीवी कैमरों के जियो-टैगिंग एवं सटीक लोकेशन पर आधारित है। इसका प्राथमिक लाभ यह है कि किसी भी घटना स्थल पर तत्काल सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता सुनिश्चित होती है, जिससे रियल-टाइम साक्ष्य जुटाने और छानबीन प्रक्रिया को तीव्रता प्रदान होती है। - 2. सशक्त (Sashakt):
यह ऐप मुख्य रूप से वाहन चोरी की त्वरित जांच, सत्यापन और बरामदगी की प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु डिज़ाइन किया गया है। - नागरिक सुविधा: यह ऐप नागरिकों को स्वयं चोरी/लापता वाहनों की वैधानिक समयावधि में स्थिति जांचने की सुविधा भी प्रदान करता है।
- परिणाम: इन नवाचारों से वाहन चोरी जैसे मामलों में त्वरित सूचना, प्रभावी रोकथाम, एवं कुशल प्रबंधन सुनिश्चित होता है।
निष्कर्षतः, आईजी रामगोपाल गर्ग का यह तकनीकी योगदान पुलिसिंग में पारदर्शिता, दक्षता और आधुनिकता के मानकों को नई ऊँचाई प्रदान करता है।



