⚖️ सक्ती के राजा धर्मेंद्र सिंह को बड़ी राहत ,छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों से बरी, बिलासपुर हाई कोर्ट से रिहाई का आदेश

बिलासपुर हाई कोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सक्ती के राजा धर्मेंद्र सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिदार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपों से बरी करते हुए ट्रायल कोर्ट (विचारण न्यायालय) के पूर्व के फैसले को निरस्त कर दिया है।
यह था ट्रायल कोर्ट का फैसला:
इससे पहले, ट्रायल कोर्ट ने राजा धर्मेंद्र सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। उन्हें आईपीसी की धारा 450 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और ₹5,000 का जुर्माना, तथा धारा 376(1) के तहत सात वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 का जुर्माना सुनाया गया था। ट्रायल कोर्ट ने निर्देश दिया था कि ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। इस फैसले के बाद से ही राजा धर्मेंद्र सिंह जेल में बंद थे।
हाई कोर्ट का निर्णय और रिहाई का आदेश:
राजा धर्मेंद्र सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिदार ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सक्ती (जिला सक्ती) द्वारा 21 मई 2025 को पारित इस आदेश को बीएनएसएस, 2023 की धारा 415 (2) के तहत हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद, डिवीजन बेंच ने पाया कि राजा धर्मेंद्र सिंह पर लगाए गए दोनों आरोप (छेड़खानी और दुष्कर्म का प्रयास) सिद्ध नहीं होते हैं।
हाई कोर्ट की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए याचिकाकर्ता को आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। कोर्ट ने तुरंत प्रभाव से जेल में बंद राजा धर्मेंद्र सिंह की रिहाई का आदेश जारी कर दिया है।
पीड़िता की याचिका:
इस बीच, पीड़िता ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दोषी की सजा की अवधि बढ़ाने की मांग की थी। चूंकि दोनों ही मामले एक ही प्रकृति के थे, डिवीजन बेंच ने दोनों की सुनवाई एक साथ की।



