जगदलपुर बालाजी महिंद्रा शोरूम पर गंभीर आरोप — दो कैम्पर गाड़ियाँ जबरन बंधक रखकर फर्जी तरीके से बेचने का मामला, बचेली थाने में शिकायत दर्ज।

बचेली। नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी कमल किशोर माकन उर्फ किट्टू ने बालाजी महिंद्रा शोरूम (बालाजी LLP), जगदलपुर के मालिक और कर्मचारियों पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए बचेली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि शोरूम प्रबंधन ने उनकी दो पुरानी कैम्पर गाड़ियों को जबरन बंधक रखकर, फर्जी दस्तावेज और नंबर प्लेट बदलकर, बिना जानकारी के किसी और को बेच दिया। इसके बावजूद शोरूम मालिक और अधिकारी लगातार उन्हें गुमराह करते रहे और मामले को एक पूर्व कर्मचारी पर डालकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार कमल किशोर माकन ने बालाजी महिंद्रा शोरूम से
3 पुरानी कैम्पर वाहनों के बदले 12 नई कैम्पर और 3 स्कॉर्पियो किस्तों पर खरीदी थीं। इसी प्रक्रिया में उन्होंने 2 और पुरानी कैम्पर गाड़ियाँ शोरूम को सौंप दीं, जिन्हें बेचकर राशि समायोजित करने की बात हुई थी।
इन दोनों कैम्पर गाड़ियों को शोरूम ने जबरन अपने कब्जे में रख लिया, फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेज तैयार कर गलत तरीके से बेच दिया,और पीड़ित को महीनों तक “गाड़ी वापस कर देंगे” और “राशि जल्द दे देंगे” जैसे आश्वासन देकर गुमराह किया जाता रहा।
जबरन बंधक रखकर रखने और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि
दोनों गाड़ियों को बिना अनुमति जबरन बंधक रखा गया,नंबर प्लेट बदलकर पहले वाली गाड़ियों को बेच दिया गयाऔर ट्रांसफर प्रक्रिया में कई दस्तावेज फर्जी पाए गए।पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मामला सामने आने पर शोरूम प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी एक पुराना कर्मचारी पर डालकर मालिक और मैनेजमेंट को बचाने की कोशिश की।
पुलिस की कार्यवाही
थाना प्रभारी टीआई मधुनाथ ध्रुव ने बताया कि—पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी, विश्वासघात, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और गाड़ी गलत तरीके से बेचने जैसे गंभीर आरोप लगे है।शोरूम के मैनेजर और संबंधित डीलरों को बयान के लिए तलब किया गया है।गाड़ियों के ट्रांजैक्शन, दस्तावेज और नंबर प्लेट बदलाव की जांच की जा रही है।
कंपनी का पक्ष
हालाँकि शोरूम के जनरल मैनेजर नीरज तिवारी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा—
“कमल किशोर माकन ने ही हमारे एक स्टाफ के साथ बैकडोर से अपनी पुरानी गाड़ियाँ बेचने की कोशिश की थी। अब उल्टा हम पर आरोप लगा रहे हैं।”
लेकिन पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या कंपनी जानबूझकर पूरे मामले की जिम्मेदारी कर्मचारी पर डाल रही है।फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दस्तावेज़, वाहन रिकॉर्ड और संपूर्ण ट्रांजैक्शन की गहन जांच कर रही है।
पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।




