जागरूकतासाइबर क्राइम

Google Ad के ज़रिए SBI कार्ड फ्रॉड करने वाला अब्दुल्ला पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

साइबर फ्रॉड के खिलाफ  ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत अंतरराज्यीय गिरोह का हुआ पर्दाफाश।

रेंज पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा के सख्त निर्देश पर साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ को एक बड़ी सफलता मिली है। रायपुर पुलिस की रेंज साइबर टीम ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है, जिसने गूगल एडवरटाइजमेंट का इस्तेमाल कर लोगों को ठगा।।                                                                                  गूगल सर्च बना जाल, ऐप इंस्टॉल कराकर ₹8 लाख उड़ाए:-
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अब्दुल्ला लश्कर (उम्र 33 वर्ष, निवासी दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। आरोपी ने एक हाई-प्रोफाइल ठगी को अंजाम दिया था, जिसका शिकार शंकर नगर निवासी संजय साहनी हुए।

  • धोखाधड़ी का तरीका: प्रार्थी संजय साहनी ने भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का नया एटीएम कार्ड बनवाने के लिए गूगल सर्च इंजन का सहारा लिया।
  • फ़ेक एडवरटाइजमेंट: गूगल सर्च में आरोपी द्वारा जारी किया गया एक मोबाइल नंबर मिला।
  • ठगी: इस नंबर पर संपर्क करने पर, आरोपी ने प्रार्थी को एक संदिग्ध ऐप का लिंक भेजा। ऐप इंस्टॉल करने के बाद, धोखेबाज ने प्रार्थी के पुराने एटीएम कार्ड के अंतिम 6 अंक पूछे। जैसे ही यह जानकारी दी गई, प्रार्थी के बैंक खाते से तुरंत ₹8 लाख की बड़ी रकम निकाल ली गई।
    हरियाणा और उत्तराखंड में भी दर्ज हैं मामले
    इस गंभीर मामले पर सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 496/24 धारा 318(4) बीएनएस, 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। रेंज साइबर थाना रायपुर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गूगल, बैंक और मोबाइल कंपनियों से तकनीकी जानकारी जुटाई।
    गहन तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और एक सुनियोजित रेड कार्यवाही को अंजाम देते हुए उसे 24 परगना, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया गया।
    👉 चौंकाने वाली जानकारी: पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अब्दुल्ला लश्कर के खिलाफ हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी इसी तरह की साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
    पुलिस टीम अब आरोपी के मोबाइल और अन्य बैंक खातों के विश्लेषण में जुटी है, जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके ठगी के नेटवर्क का खुलासा हो सके। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
    पाठकों के लिए संदेश:
  • सतर्क रहें! ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं या कार्ड संबंधी समस्याओं के लिए हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या टोल-फ्री नंबर का ही इस्तेमाल करें।
  • गूगल सर्च में दिखने वाले हर विज्ञापन या नंबर पर भरोसा न करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने एटीएम कार्ड के अंतिम 6 अंक या कोई भी OTP/CVV किसी ऐप पर या फ़ोन पर साझा न करें।
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