अपराधछत्तीसगढ़पुलिसराजधानीसाइबर क्राइम

नाबालिकों को बनाया जा रहा था जिहादी …राजधानी में ISIS की सबसे बड़ी डिजिटल साजिश का पर्दाफाश!

इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिगों को जिहादी रास्ते पर धकेलने वाला पाकिस्तान-आधारित मॉड्यूल पकड़ा!


रायपुर/छत्तीसगढ़ – प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने
राजधानी में अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल आतंकी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया।
यह पहली बार है जब ISIS का पाकिस्तान से संचालित मॉड्यूल सीधे इंस्टाग्राम के माध्यम से प्रदेश के
नाबालिग किशोरों को कट्टरपंथ की गर्त में धकेलने की साजिश में रंगे हाथ पकड़ा गया है।


📌 दो नाबालिग गिरफ्तार – एक का पिता CRPF में!


ATS की हाईटेक साइबर सर्विलांस कार्रवाई में पकड़े गए दोनों किशोर लगभग
दो साल से ISIS के संपर्क में थे।
चौंकाने वाली बात यह कि इनमें से एक युवक का पिता CRPF का जवान है।
दोनों पर UAPA के तहत गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं।


💣 इंस्टाग्राम बना जिहाद का नया हथियार


जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान आधारित हैंडलर्स फर्जी नामों से ऐसे इंस्टाग्राम अकाउंट चलाते थे,
जो देखने में धार्मिक या मोटिवेशनल लगते थे।
धीरे-धीरे किशोरों से बातचीत बढ़ाने के बाद उन्हें सीक्रेट ग्रुप चैट में शामिल किया जाता था।
इन ग्रुप्स में –

  • जिहादी वीडियो
  • ISIS समर्थित प्रोपेगेंडा
  • भारत विरोधी संदेश
  • हिंसा भड़काने वाली पोस्ट
  • कट्टरपंथी धार्मिक सामग्री

शेयर की जाती थी।


🔻 त्योहारों पर हिंसा फैलाने की प्लानिंग


ATS के मुताबिक युवकों को त्योहारों के दौरान हिंसा फैलाने की जिम्मेदारी देने की तैयारी थी।
उनके मोबाइल और लैपटॉप से संवेदनशील स्थलों के नक्शे मिले हैं, जिन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स ने भेजा था।
यह संकेत देता है कि यह सिर्फ सोशल मीडिया चैट का मामला नहीं, बल्कि एकसंगठित आतंकी रणनीति थी।


🌐 बड़े नेटवर्क की आशंका – सिर्फ शुरुआत?


ATS की जांच यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या और किशोर इसी पाकिस्तानी मॉड्यूल के संपर्क में हैं।
जानकारी है कि इन किशोरों को आगे दूसरे युवाओं को रैडिकलाइज करने की जिम्मेदारी भी देने की तैयारी थी।
यह साफ संकेत है कि ISIS का डिजिटल जाल छत्तीसगढ़ में तेजी से फैलाया जा रहा था।


🚨 ATS की अपील


एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी सामग्री फैलाने वाले अकाउंट्स को तुरंत रिपोर्ट करें।
साथ ही नाबालिगों के डिजिटल उपयोग पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत बताई गई है।

Join Dainik Bodh Whatsapp Community

Related Articles

Back to top button