“घर में घुसकर जवाब देंगे!” राष्ट्रीय करणी सेना अध्यक्ष की रायपुर पुलिस को खुली धमकी पर पब्लिक बोली: “पहले अपना ‘हिस्ट्रीशीटर’ प्रदेश अध्यक्ष संभालो!”

💥 ब्रेकिंग: ‘सेनापति’ गिरफ्तार… पर सेना हुई शर्मसार!
रायपुर पुलिस ने कुख्यात सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर (उर्फ रूबी तोमर) को 162 दिनों की फरारी के बाद ग्वालियर से दबोच लिया। तोमर, जो खुद को कथित तौर पर करणी सेना का ‘प्रदेश अध्यक्ष’ बताता था, अब पुलिस की हिरासत में है। लेकिन रायपुर पुलिस ने जो ‘ट्रीटमेंट’ दिया, उसने तोमर की ‘सेनागिरी’ ही नहीं, बल्कि पूरी करणी सेना की किरकिरी करा दी है!
पुलिस ने तोमर का शहर में जुलूस निकाला और उससे नारा लगवाया: “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारा बाप है!”
🤦♂️ करणी सेना अध्यक्ष की ‘बौखलाहट’ और फजीहत
तोमर की इस सार्वजनिक ‘हेकड़ी’ निकलने के बाद, क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर आकर पुलिस को खुली चेतावनी दे दी।
उनकी धमकी: “पुलिस वालों के घर में घुसकर जवाब देंगे!”
👉 पब्लिक पूछ रही है:
- “कौन सा न्याय?”: अध्यक्ष जी! जिस अपराधी पर रंगदारी, अवैध वसूली, धमकी और सूदखोरी के गंभीर आरोप हैं, आप उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस को धमकी दे रहे हैं? क्या यही आपकी ‘राजपूत आन-बान-शान’ है?
- “अध्यक्ष पद का गौरव?”: आपका ‘प्रदेश अध्यक्ष’ महीनों से फरार था और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर निकला! क्या सेना को अपने पदाधिकारियों की पृष्ठभूमि जांचने की ज़रूरत नहीं? या अपराधियों को बचाने के लिए ही यह ‘सेना’ खड़ी की गई है?
- “घर में घुसकर क्यों?”: अगर आपको पुलिस की कार्यवाही से दिक्कत है तो कानूनी रास्ता क्यों नहीं अपनाते? सरेआम पुलिस को धमकी देना क्या अराजकता नहीं है? यह धमकी, जनता को न्याय दिलाने वाली पुलिस के खिलाफ है!
🚓 पुलिस का रुख: ‘वी आर द बॉस!’
पुलिस प्रशासन ने शेखावत की इस ‘खोखली धमकी’ पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनका एक्शन ही उनका जवाब है। - संदेश साफ है: पुलिस का काम जनता को सूदखोरों के आतंक से मुक्त कराना है।
- तोमर की रिमांड: पुलिस ने कोर्ट से रिमांड ली है ताकि इस ‘स्वयंभू नेता’ के अवैध कारोबार और संपत्ति का पूरा खुलासा किया जा सके।
निष्कर्ष: राज शेखावत की धमकी ने उन्हें जनता की नजरों में एक अपराधी समर्थक के रूप में पेश किया है। वहीं, रायपुर पुलिस ने अपने सख्त और निष्पक्ष एक्शन से बता दिया है कि अपराधी कोई भी हो, उसकी ‘सेना’ कोई भी हो, कानून का राज ही चलेगा!
क्या करणी सेना अपने ‘प्रदेश अध्यक्ष’ पर कार्यवाही करेगी या उसे बचाती रहेगी? बने रहिए हमारे साथ इस ‘सेनापति’ की कहानी पर!


