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ठेका श्रमिक की मौत भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन पर FIR दर्ज:भिलाई

देश के प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में हुए एक दुखद हादसे को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। अप्रैल 2023 में एसएमएस-2 (SMS-2) कास्टर-06 में झुलसे ठेका श्रमिक रंजीत सिंह की मौत के मामले में अब संयंत्र प्रबंधन पर ही लापरवाही से मृत्यु का अपराध (FIR) दर्ज किया गया है। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि संयंत्रों में श्रमिक सुरक्षा के प्रति उदासीनता का गंभीर संकेत है।
💥 क्या हुआ था हादसा?
यह हृदय विदारक घटना अप्रैल 2023 में बीएसपी के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 में हुई थी। कास्टर नंबर-06 में हुए एक अग्निकांड में 30 वर्षीय रंजीत सिंह समेत कुल चार ठेका श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे। रंजीत सिंह 100% तक झुलस गए थे और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।
⚖️ पुलिस जांच का बड़ा खुलासा: ‘सुरक्षा इंतज़ाम नदारद’
भट्ठी थाना पुलिस ने मामले की गहन जांच की। पुलिस की जांच रिपोर्ट ने बीएसपी प्रबंधन पर सीधे उंगली उठाई है। जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि कार्यस्थल पर ज्वलनशील पदार्थ को संभालने के लिए ज़रूरी और पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम मौजूद नहीं थे, जिसके कारण आग लगी और यह भयानक हादसा हुआ। इसी लापरवाही के आधार पर पुलिस ने अब प्रबंधन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
🚧 श्रमिकों के जीवन से खिलवाड़ कब तक?
यह FIR उन हजारों ठेका श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है जो देश के बड़े उद्योगों में विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं। यह घटना एक बार फिर इस ज्वलंत प्रश्न को सामने लाती है कि क्या बड़े संयंत्रों में उत्पादन की गति बनाए रखने के लिए श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा को दरकिनार किया जा रहा है?

विशेषज्ञों का मत: औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसी दुर्घटनाएं अक्सर तब होती हैं जब सुरक्षा ऑडिट में कोताही बरती जाती है और अस्थायी/ठेका श्रमिकों को ज़रूरी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) तथा सुरक्षा प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है।
🔔 आगे की राह
हालांकि इस घटना के बाद बीएसपी प्रबंधन ने आंतरिक कार्रवाई करते हुए एक जीएम और एक डिप्टी मैनेजर को निलंबित कर दिया था, लेकिन पुलिस द्वारा FIR दर्ज होना यह सुनिश्चित करता है कि अब यह मामला आपराधिक जांच के दायरे में आएगा। रंजीत सिंह के परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ, यह कार्रवाई भविष्य में अन्य संयंत्रों को भी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करेगी।

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