अजब-गजबजागरूकतान्यायधानी

साहब सावधान! अब जनता को ‘घुमाया’ तो जनता ‘वीडियो’ घुमा देगी, बिलासपुर की ‘बादाम कांड’ वाली मैडम का नया वीडियो सोशल मीडिया में हो रहा वायरल(देखिये वीडियो)

वीडियो साभार OMG न्यूज़(रवि शुक्ला जी)

बिलासपुर। कभी ‘बादाम कांड’ को लेकर सुर्खियों में रहीं अधिकारी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला केवल बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने दफ्तरों के भीतर होने वाले ‘खेल’ की पोल खोल दी है। इस वीडियो ने साफ संदेश दे दिया है कि अब आम आदमी दफ्तरों के चक्कर काटकर थकेगा नहीं, बल्कि अपने मोबाइल के कैमरे से भ्रष्टाचार पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’ करेगा।

क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में एक पीड़ित महिला अधिकारी के सामने चीख-चीख कर अपनी आपबीती सुना रही है। महिला का आरोप है कि उससे दो मकानों की एनओसी (NOC) के बदले 10-10 हजार रुपये यानी कुल 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई। पीड़ित महिला का कहना है कि वह महीनों से दफ्तर के चक्कर काट रही है, बिल पटा चुकी है, लेकिन काम करने के बजाय उसे केवल तारीख पर तारीख दी जा रही है।
वीडियो में महिला का दर्द साफ झलक रहा है, जहाँ वह कह रही है कि बच्चों की तबीयत खराब होने के बावजूद वह दफ्तर आने को मजबूर है, क्योंकि उसे फोन पर झूठ बोलकर बुलाया गया कि ‘साइन हो गए हैं’।

रिश्वतखोरों के मन में ‘कैमरे’ का खौफ

  यह वीडियो उन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है जो फाइल आगे बढ़ाने के लिए ‘सेवा शुल्क’ की उम्मीद रखते हैं। अब जनता जागरूक हो चुकी है। उसे पता है कि साहब के पास शिकायत करने से बेहतर है कि साहब की कारस्तानी का वीडियो बनाकर उसे जनता की अदालत (सोशल मीडिया) में पेश कर दिया जाए।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद अन्य विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है। अब अधिकारियों के मन में यह डर बैठ गया है कि सामने खड़ा फरियादी कब चुपके से मोबाइल ऑन कर ले और कब उनकी कुर्सी खतरे में पड़ जाए।

जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार
यह घटना बताती है कि अगर आपके काम में भी बिना वजह देरी की जा रही है या सीधे-सीधे रिश्वत की मांग की जा रही है, तो चुप रहने के बजाय आवाज उठाना जरूरी है।

  • साक्ष्य जुटाएं: अगर कोई कर्मचारी अवैध मांग करता है, तो उसका वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड करें।
  • सोशल मीडिया की ताकत: आज एक वायरल वीडियो विभाग को जांच और सस्पेंशन जैसी कार्यवाही करने पर मजबूर कर सकता है।
  • डरें नहीं: सरकारी दफ्तर आपकी सेवा के लिए हैं, न कि आपको परेशान करने के लिए।

    बिलासपुर का यह नया वीडियो सिस्टम में बैठे उन लोगों के लिए आईना है जो जनता को ‘घुमाना’ अपना अधिकार समझते हैं। अब वक्त बदल चुका है; अगर दफ्तरों में काम नहीं होगा, तो वीडियो ‘घूमेगा’ और भ्रष्टाचार करने वालों की कुर्सी भी डोलेगी।
Join Dainik Bodh Whatsapp Community

Related Articles

Back to top button