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क्या पकड़ा गया बिटकॉइन का असली मालिक? सातोशी नाकामोतो की रहस्यमयी पहचान पर बड़ा खुलासा

दुनिया की सबसे कीमती और लोकप्रिय डिजिटल करेंसी ‘बिटकॉइन’ के जनक को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। सालों से रहस्य के घेरे में रहे बिटकॉइन के संस्थापक सातोशी नाकामोतो को लेकर दावा किया जा रहा है कि उनकी असली पहचान का पता चल गया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट ने मचाई हलचल
हैंमें आई ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक खोजी रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के क्रिप्टो बाजार में खलबली मचा दी है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटिश कंप्यूटर वैज्ञानिक एडम बैक (Adam Back) ही असल में सातोशी नाकामोतो हो सकते हैं। रिपोर्ट में सातोशी के पुराने ई-मेल, लिखने के अंदाज और शुरुआती कोडिंग पैटर्न का मिलान एडम बैक से होने की बात कही गई है।
क्या वाकई ‘पकड़ा’ गया जनक?
तकनीकी और कानूनी रूप से देखा जाए तो अभी तक किसी को भी “पकड़ा” नहीं गया है। एडम बैक ने इस रिपोर्ट के बाद तुरंत स्पष्ट किया है कि वे सातोशी नाकामोतो नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि वे बिटकॉइन के शुरुआती समर्थकों में से एक जरूर रहे हैं, लेकिन इसके निर्माता नहीं हैं।
सातोशी नाकामोतो की पहचान इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
बिटकॉइन के जनक के पास अनुमानित तौर पर 11 लाख बिटकॉइन हैं। आज की बाजार कीमत के अनुसार, सातोशी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हो सकते हैं। अगर उनकी असली पहचान उजागर होती है या उनके वॉलेट से एक भी बिटकॉइन हिलता है, तो वैश्विक वित्तीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
पुराने दावे जो निकले थे झूठे
यह पहली बार नहीं है जब किसी को सातोशी बताया गया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक क्रेग राइट ने खुद के सातोशी होने का दावा किया था, जिसे कोर्ट ने सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया। वहीं 2014 में डोरियन नाकामोतो नाम के व्यक्ति को भी घेरे में लिया गया था, लेकिन वे भी असली मालिक नहीं निकले।

फिलहाल, बिटकॉइन का असली मालिक कौन है, यह सवाल आज भी एक डिजिटल पहेली बना हुआ है। हालांकि एडम बैक पर उठी उंगलियों ने इस रहस्य को और गहरा कर दिया है। क्या सातोशी कभी खुद सामने आएंगे या यह नाम हमेशा के लिए एक राज ही रहेगा, यह वक्त ही बताएगा।

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