
क्या आपने कभी सुना है कि कोई अनजान शख्स अचानक आए, खुद को मालिक का भाई बताए और बिना किसी शोर-शराबे के हजारों रुपये लेकर चलता बने? सुनने में यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट लग सकती है, लेकिन अभनपुर के राखी ग्राम में स्थित ‘मां चण्डी पेट्रोल पंप’ पर यह हकीकत में हुआ है।
शातिर दिमाग और सत्तर हजार का ‘हाथ साफ’:-
जब पंप पर काम जारी था, तभी एक अज्ञात शातिर वहां पहुंचता है। उसकी बातों में इतना आत्मविश्वास था कि वहां मौजूद कर्मचारी चकमा खा गए। आरोपी ने खुद को संचालक मनीष कुमार साहू का छोटा भाई बताया। कर्मचारियों को लगा कि ‘छोटा बॉस’ आए हैं, तो उन्होंने कोई शक नहीं किया। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने गल्ले में रखे 77,400 रुपये निकाले और बड़ी ही शांति से वहां से नौ-दो ग्यारह हो गया।
पुलिस तलाश कर रही ‘फर्जी भाई’:-
जब असली मालिक मनीष साहू को इस बात का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में अभनपुर थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के जरिए उस ‘बहुरूपिये’ की तलाश कर रही है।
सावधान रहें, जागरूक बनें!
यह घटना हम सभी के लिए एक सबक है। व्यापारिक संस्थानों और आम जनता से हमारी अपील है:
- सत्यापन है जरूरी: कोई भी व्यक्ति अगर खुद को किसी का रिश्तेदार बताकर पैसों की मांग करे, तो बिना मालिक से फोन पर बात किए उसे एक रुपया भी न दें।
- कर्मचारियों को ट्रेनिंग दें: अपने स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दें कि पैसों के लेनदेन के मामले में केवल अधिकृत व्यक्ति की ही सुनें।
- टेक्नोलॉजी का सहारा लें: सीसीटीवी कैमरों को हमेशा चालू रखें और संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।
आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है। याद रखिए, सतर्कता ही सुरक्षा है!




