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गर्मियों का अलर्ट: कार में भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, हो सकता है बड़ा ब्लास्ट!

गर्मियों का मौसम आते ही हम अक्सर अपनी कार के एयर कंडीशनर (AC) को तो दुरुस्त करवा लेते हैं, लेकिन कार के अंदर रखी कुछ बेहद मामूली चीजों पर हमारा ध्यान नहीं जाता। क्या आप जानते हैं कि चिलचिलाती धूप में खड़ी आपकी कार के अंदर का तापमान 60 से 70 डिग्री और डैशबोर्ड का तापमान लगभग 100 डिग्री तक पहुंच सकता है? इतने भारी तापमान में आपकी कार में रखी कुछ रोजमर्रा की चीजें किसी ‘टाइम बम’ से कम नहीं होतीं, जो एक पल में पूरी गाड़ी को राख के ढेर में बदल सकती हैं।
अगर आप भी अपनी कार में ये 5 चीजें छोड़ते हैं, तो आज ही सावधान हो जाइए:

1. गैस लाइटर: जेब का छोटा सा साथी, कार का बड़ा दुश्मन

स्मोकिंग करने वाले लोग अक्सर गैस लाइटर को कार के डैशबोर्ड या गियर बॉक्स के पास छोड़ देते हैं। इन लाइटर्स में ब्यूटेन गैस होती है। जब कार के अंदर का तापमान 50 डिग्री को पार करता है, तो यह गैस तेजी से फैलने लगती है। दबाव बढ़ने के कारण लाइटर की प्लास्टिक बॉडी ब्लास्ट हो सकती है और इसकी एक छोटी सी चिंगारी कार की सीटों में भीषण आग लगा सकती है।

2. पावर बैंक: डैशबोर्ड पर रखा ‘थर्मल रनअवे’ बम

आजकल हर कोई अपने साथ पावर बैंक रखता है। इनमें लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है। वैज्ञानिक भाषा में समझें तो 60 डिग्री से अधिक तापमान मिलते ही ये बैटरियां ‘थर्मल रनअवे’ मोड में चली जाती हैं। इसका मतलब है कि बैटरी के सेल्स खुद-ब-खुद बेकाबू होकर गर्म होने लगते हैं और एक चेन रिएक्शन शुरू हो जाता है, जिसके कारण पावर बैंक में जोरदार धमाका हो सकता है।

3. कार परफ्यूम और स्प्रे: खुशबू जो बन सकती है मातम की वजह

कार को महकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले लिक्विड परफ्यूम में लगभग 70% तक अल्कोहल होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अल्कोहल का फ्लैश पॉइंट (वह तापमान जिस पर वह आग पकड़ सकता है) बेहद कम होता है। अत्यधिक गर्मी के कारण जब परफ्यूम की कांच की बोतल क्रैक होती है, तो यह ज्वलनशील लिक्विड डैशबोर्ड पर फैल जाता है और जरा सी हीट मिलते ही आग पकड़ लेता है।

4. पानी की पारदर्शी बोतल: मैग्नीफाइंग ग्लास का जानलेवा खेल

यह सबसे चौंकाने वाला सच है। हम अक्सर पानी पीकर प्लास्टिक की ट्रांसपेरेंट बोतल कार की सीट पर छोड़ देते हैं। जब सूरज की तेज किरणें इस पानी से भरी बोतल पर पड़ती हैं, तो यह एक मैग्नीफाइंग ग्लास (आवर्धक लेंस) की तरह काम करने लगती है। यह धूप की पूरी ऊर्जा को कार की सीट के एक बिंदु (Focal Point) पर केंद्रित कर देती है। बिना किसी माचिस या लाइटर के, सिर्फ इस सनलाइट कंसंट्रेशन से कार की सीट सुलग सकती है और कार में आग लग सकती है।

5. हैंड सैनिटाइज़र और डियोडरेंट: प्रेशर और अल्कोहल का खतरनाक कॉम्बिनेशन

कोरोना काल के बाद से हैंड सैनिटाइज़र कार में रखना एक आदत बन चुका है। सैनिटाइज़र में 65% से ज्यादा अल्कोहल होता है, जो इसे अत्यधिक ज्वलनशील बनाता है। वहीं दूसरी ओर, डियोडरेंट कैन्स अत्यधिक प्रेशर के साथ पैक की जाती हैं। गर्मी पाकर इन कैन्स के अंदर का प्रेशर इतना बढ़ जाता है कि ये किसी ग्रेनेड की तरह फट सकती हैं।

सुरक्षा मंत्र: क्या करें?

दुर्घटना से देर भली। जब भी आप गर्मियों में अपनी कार पार्क करें, तो एक मिनट निकालकर डैशबोर्ड और सीटों को अच्छी तरह चेक कर लें। पावर बैंक, लाइटर, परफ्यूम, सैनिटाइज़र और पानी की बोतलों को अपने साथ कार से बाहर निकालें। आपका यह छोटा सा जागरूक कदम आपकी कीमती कार और आपके परिवार को एक बड़े हादसे से बचा सकता है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

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