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प्रशासन ने आम नागरिकों को सीधे व्यवस्था से जोड़ने और शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है।
- टोल फ्री नंबर: 1800-233-2140
- शिकायत के विषय: अवैध खनन, खनिजों का अवैध परिवहन, पर्यावरण को नुकसान या खनिज से जुड़ी कोई भी अनियमितता।
- संचालन का समय: यह केंद्र कार्यालयीन कार्यदिवसों में प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक सक्रिय रहेगा।
🛠️ कैसे काम करेगा यह सूचना केंद्र?
यह केवल एक शिकायत केंद्र नहीं है, बल्कि त्वरित कार्यवाही के लिए बनाया गया एक मजबूत संस्थागत तंत्र है। इसे सुचारू रूप से चलाने और शिकायतों पर बिना देरी के कड़ा एक्शन लेने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जैसे ही इस केंद्र पर कोई शिकायत या सूचना प्राप्त होगी, उसे तुरंत संबंधित जिले और विभाग के अधिकारियों को फॉरवर्ड कर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
🎯 ‘जीरो टॉलरेंस’ और जनभागीदारी की नई शुरुआत
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उत्तरदायी बनाना है। सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत खनिज संपदा की चोरी को रोकना और राजस्व का सही उपयोग सुनिश्चित करना ही इस केंद्र का मूल मंत्र है।
प्रशासन का मानना है कि किसी भी अवैध गतिविधि पर पूरी तरह नियंत्रण तभी संभव है, जब उसमें जनता की सीधी भागीदारी और जागरूकता हो। यह खनन सूचना केंद्र इसी दिशा में शासन और जनता के बीच के फासले को मिटाने का काम करेगा।
एक जिम्मेदार नागरिक बनें: अगर आप अपने आस-पास कहीं भी अवैध उत्खनन या बिना अनुमति के खनिजों से भरे वाहनों का परिवहन देखते हैं, तो चुप न रहें। टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 पर कॉल करें और पर्यावरण व प्रदेश की संपदा को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें। आपकी सजगता ही राज्य की खनिज संपदा की असली सुरक्षा है।




