
रायपुर। आम के शौकीनों के लिए एक बेहद मीठी और बड़ी खुशखबरी है! राजधानी रायपुर में एक बार फिर आमों का सबसे बड़ा मेला लगने जा रहा है। आगामी 29 से 31 मई तक इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के परिसर में तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय आम महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
अगर आप भी आम के दीवाने हैं, तो यह तीन दिन आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं होने वाले हैं। यहाँ आपको आम की एक-दो नहीं, बल्कि 250 से अधिक देशी और विदेशी किस्मों का दीदार करने का मौका मिलेगा।
त्रिवेणी संगम में हो रहा है आयोजन
इस महा-महोत्सव का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी (छत्तीसगढ़ शासन) और ‘प्रकृति की ओर सोसायटी’ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। पिछले दो सालों की शानदार सफलता के बाद, इस बार का यह तीसरा आयोजन और भी ज्यादा भव्य होने की उम्मीद है।
क्या होगा खास? प्रतियोगिताएं और एंट्री बिल्कुल फ्री!
इस महोत्सव की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) और प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। चाहे आप एक आम नागरिक हों, गृहणी हों, स्कूल-कॉलेज के छात्र हों या फिर किसान—हर कोई इसमें हिस्सा ले सकता है।
महोत्सव के दौरान कई तरह की मजेदार प्रतियोगिताएं भी होंगी:
- आम की किस्मों की प्रतियोगिता: देश-विदेश के आम उत्पादक अपनी बेहतरीन फसलों का प्रदर्शन करेंगे।
- मैंगो डिश कॉम्पिटिशन: आम से बने तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों की प्रतियोगिता होगी।
- आम सजावट प्रतियोगिता: स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स और महिलाएं आम को अनोखे अंदाज में सजाकर अपनी कला दिखा सकेंगे।
भाग लेने के लिए नियम: अगर आप आम की किस्मों की प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं, तो आपको प्रति किस्म न्यूनतम 5 से 10 आम लाने होंगे। वहीं, व्यंजन प्रतियोगिता के लिए न्यूनतम 250 ग्राम आम का उत्पाद लाना अनिवार्य है।
तीन दिनों का पूरा शेड्यूल: जानिए कब क्या होगा?
- 29 मई (पहला दिन) – प्रदर्शनी की शुरुआत: सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रतिभागियों की प्रविष्टियों का रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए खोल दी जाएगी। आप तीनों दिन सुबह से लेकर रात 9 बजे तक इस प्रदर्शनी का लुत्फ उठा सकते हैं। यहाँ न सिर्फ आम देखने को मिलेंगे, बल्कि आप अपनी पसंद के आम, आम के उत्पाद और आम के पौधे खरीद भी सकेंगे।
- 30 मई (दूसरा दिन) – ज्ञान और तकनीक का तड़का: दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक एक विशेष परिचर्चा होगी। इसमें विशेषज्ञ बताएंगे कि छत्तीसगढ़ में हाई-क्वालिटी आम का उत्पादन कैसे करें, आम की प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण) कैसे करें और इसे एक बेहतरीन बिजनेस कैसे बनाएं। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
- 31 मई (तीसरा दिन) – सक्सेस स्टोरी और सम्मान: आखिरी दिन दोपहर 12 से 4 बजे तक सफल किसानों और उद्यमियों की जुबानी उनकी सफलता की कहानियां सुनने को मिलेंगी। इसके बाद शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।
आम सिर्फ फल नहीं, बल्कि रोजगार का जरिया है
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सिर्फ आम दिखाना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय फल ‘आम’ को एक मुनाफे वाले बिजनेस के रूप में प्रमोट करना है। इसके जरिए नई पीढ़ी, महिलाओं, युवाओं और किसानों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए आम के उत्पादन को एक बेहतरीन स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय बनाया जा सकता है।
तो फिर देर किस बात की? तारीखें कैलेंडर में मार्क कर लीजिए—29, 30 और 31 मई। रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय परिसर पहुंचिए और आमों की इस अनोखी और रसीली दुनिया का हिस्सा बनिए!




