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अब होगी सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत डायल1076 पर… हर दिन कर सकेंगे आप अपने शिकायत की मॉनिटरिंग!जानिए कैसे??

क्या आपकी राशन कार्ड की समस्या दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी नहीं सुलझी? या बिजली बिल की गड़बड़ी से आप परेशान हैं? अब आपको परेशान होने या सरकारी दफ्तरों के बाबू के चक्कर लगाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार एक ऐसी व्यवस्था लेकर आई है, जिससे आप सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।
राज्य में ‘सीएम हेल्पलाइन 1076 एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली’ की शुरुआत हो चुकी है। इसका सीधा मतलब है—अब प्रशासन को आपकी चौखट पर आना होगा, क्योंकि आपकी शिकायत पर खुद मुख्यमंत्री कार्यालय की नजर होगी। आइए जानते हैं कि यह पूरी व्यवस्था क्या है और आप घर बैठे अपनी शिकायत की लाइव स्थिति (Status) कैसे देख सकते हैं।

क्या है सीएम हेल्पलाइन 1076?

यह सिर्फ एक फोन नंबर नहीं, बल्कि सुशासन का एक डिजिटल हथियार है। इसके तहत साल के 365 दिन और 24 घंटे एक कॉल सेंटर काम करेगा। कोई भी नागरिक शासकीय योजनाओं, सेवाओं में हो रही देरी या भ्रष्टाचार की शिकायत यहाँ दर्ज करा सकता है।
आप अपनी शिकायत इन 4 तरीकों से दर्ज करा सकते हैं:

  • टोल-फ्री नंबर: 1076 पर सीधे कॉल करके।
  • व्हाट्सऐप (WhatsApp): घर बैठे मैसेज के जरिए।
  • वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप: ऑनलाइन माध्यम से।
  • लिखित आवेदन: पारंपरिक तरीके से भी।

कैसे काम करता है यह सिस्टम? जानिए 5 मजबूत स्तंभ

इस पूरी प्रणाली को इतना मजबूत बनाया गया है कि अधिकारी आपकी शिकायत को ठंडे बस्ते में नहीं डाल पाएंगे। यह व्यवस्था 5 मुख्य बातों पर टिकी है:

  1. यूनिक टोकन नंबर: शिकायत दर्ज होते ही आपको एक खास नंबर मिलेगा, जिससे आप कभी भी अपनी शिकायत का स्टेटस देख सकेंगे।
  2. समयबद्ध समाधान (SLA): हर शिकायत को दूर करने का एक फिक्स टाइम होगा।
  3. संतुष्टि फीडबैक: जब तक आप (शिकायतकर्ता) यह नहीं कहेंगे कि ‘हाँ, मैं समाधान से संतुष्ट हूँ’, तब तक शिकायत पूरी तरह बंद नहीं मानी जाएगी।
  4. पारदर्शिता और जवाबदेही: कौन सा अधिकारी काम कर रहा है और कौन लापरवाही, सब कुछ रिकॉर्ड में रहेगा।
  5. MIS डैशबोर्ड: बड़े अधिकारी और खुद मुख्यमंत्री एक स्क्रीन पर देख सकेंगे कि राज्य में कितनी शिकायतें आईं और कितनों का निपटारा हुआ।

4 चरणों में होगा एक्शन (4-Level System)

अगर कोई छोटा अधिकारी आपकी बात नहीं सुनता, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। सिस्टम में ऐसी तकनीक लगाई गई है कि तय समय में काम न होने पर आपकी शिकायत अपने आप प्रमोट होकर बड़े अधिकारी के पास पहुंच जाएगी:

  • लेवल 1 (L-1): ब्लॉक स्तर के अधिकारी (सबसे पहले इनके पास शिकायत जाएगी)।
  • लेवल 2 (L-2): जिला स्तर के अधिकारी (कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की नजर)।
  • लेवल 3 (L-3): संभागीय या निदेशालय स्तर।
  • लेवल 4 (L-4): सीधा विभाग के सचिव (सेक्रेटरी) या विभागाध्यक्ष स्तर।

सबसे मजेदार बात: अगर नीचे के स्तर पर अधिकारी ने समय पर काम नहीं किया, तो शिकायत ‘स्वतः’ (Automatically) अगले बड़े अधिकारी के कंप्यूटर पर ट्रांसफर हो जाएगी। इससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

अपनी शिकायत का स्टेटस कैसे जानें?

जब आप 1076 पर कॉल करेंगे या पोर्टल पर जाएंगे, तो आपको एक ‘यूनिक टोकन नंबर’ मिलेगा।

  • इस टोकन नंबर को आप सीएम हेल्पलाइन के पोर्टल या ऐप पर ‘Track Complaint’ के विकल्प में डालकर देख सकते हैं कि आपकी फाइल इस वक्त किस अधिकारी की टेबल पर है।
  • इससे आपको यह साफ पता चल जाएगा कि आपकी शिकायत किस अवस्था में है और उस पर क्या कार्रवाई की गई है।
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