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बिलासपुर के 110 होटलों में अब पुलिस की ‘डिजिटल नजर’, SSP के आदेश पर पंकज पटेल और नूपुर उपाध्याय ने लागू किया ‘समाधान ऐप’

अगर आप बिलासपुर के किसी होटल, लॉज या फार्महाउस में रुकने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बिलासपुर पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के हर मुसाफिर की पल-पल की जानकारी सीधे पुलिस के पास होगी, और इसके लिए जरिया बनेगा—’समाधान ऐप’।
SSP श्री रजनेश सिंह के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में बिलासपुर पुलिस ने शहर के करीब 110 होटल, लॉज और फार्महाउस संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में एडिशनल एसपी शहर श्री पंकज पटेल, सीएसपी सिविल लाइन श्री निमितेश परिहार और एसडीओपी कोटा श्रीमती नूपुर उपाध्याय ने खुद मोर्चा संभालते हुए संचालकों को सुरक्षा के नए कड़े नियमों का पाठ पढ़ाया।

क्या है ‘समाधान ऐप’ और कैसे करेगा काम?

‘समाधान ऐप’ पुलिस विभाग की एक खास डिजिटल पहल है, जिसके जरिए होटलों में ठहरने वाले संदिग्धों और अपराधियों पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।

  • त्वरित जानकारी: होटल में रुकने वाले किसी भी व्यक्ति की डिटेल इस ऐप के जरिए तुरंत बिलासपुर पुलिस तक पहुंच जाएगी।
  • अनिवार्य वेरिफिकेशन: अब होटल संचालकों के लिए हर अतिथि का वैलिड आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) जांचना और उसे ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
  • सख्त निर्देश: श्री पंकज पटेल और श्रीमती नूपुर उपाध्याय ने साफ कर दिया है कि जानकारी दर्ज करने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय रहते हर मुसाफिर का डेटा ऐप पर अपडेट होना चाहिए।

आम जनता और शहर की सुरक्षा के लिए क्यों है जरूरी?

अक्सर देखा गया है कि बाहरी तत्व या अपराधी अपनी पहचान छुपाकर होटलों और फार्महाउसों को अपना ठिकाना बना लेते हैं। बिलासपुर पुलिस की इस डिजिटल पहल से न सिर्फ कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि अपराधों पर समय रहते लगाम कसी जा सकेगी।
पुलिस प्रशासन ने सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से अपील की है कि वे शहर को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें और ‘समाधान ऐप’ का नियमित उपयोग करें।
अगर आप भी किसी होटल में चेक-इन कर रहे हैं, तो अपना असली और वैध पहचान पत्र साथ रखना न भूलें। आपकी सुरक्षा में ही शहर की सुरक्षा है!

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