
सड़क पर रफ्तार भरती गाड़ियों पर अचानक ईंट-पत्थरों की बौछार कर खौफ पैदा करने वाले दो सिरफिरे बदमाशों को बिल्हा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हाइवे पर मुसाफिरों की जान जोखिम में डालने वाले इन पत्थरबाजों तक पहुँचने के लिए पुलिस को करीब 40 से 50 सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने पड़े। पकड़े गए आरोपियों में से एक धमतरी और दूसरा बिलासपुर का रहने वाला है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और ईंट-पत्थर भी बरामद कर लिए हैं।
आधी रात को हाइवे पर मचाया था तांडव
यह पूरी वारदात 20 अप्रैल 2026 की रात करीब 1:00 बजे की है। बलौदाबाजार निवासी प्रार्थी अनवर अली ने बिल्हा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम झाल मेनरोड के पास अज्ञात असामाजिक तत्वों ने एक ट्रक (CG 07 CB 0655), उसके पीछे आ रही मेटाडोर और बरतोरी के आगे एक स्कॉर्पियो गाड़ी पर ताबड़तोड़ ईंटें फेंकीं।
अचानक हुए इस हमले से गाड़ियां अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा घुसीं। इस पथराव में वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए और गाड़ियों में बैठे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हाइवे पर सफर करने वालों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए बिलासपुर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।
50 कैमरों की जांच और पुलिस का ‘चक्रव्यूह’
बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और सीएसपी चकरभाठा श्री डी.आर. टण्डन के मार्गदर्शन में बिल्हा थाना प्रभारी ने एक विशेष सिविल टीम का गठन किया।
पुलिस की टीम ने बिल्हा और आसपास के इलाकों में लगे 40 से 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। आखिरकार, कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों का सुराग मिला। घेराबंदी कर जब पंकज कुमार ध्रुव (21 वर्ष, निवासी धमतरी) और मोहन निषाद (30 वर्ष, निवासी बिल्हा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उन्होंने चलती गाड़ियों पर पत्थरबाजी करने का जुर्म कबूल कर लिया।
जेल भेजे गए आरोपी, टीम को मिली शाबाशी
बिल्हा पुलिस ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110, 103(1), 115(2) और 3(5) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस अंधे कत्ल की कोशिश और पथराव के मामले को सुलझाने में बिल्हा थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उपनिरीक्षक जी.एल. चन्द्राकर, प्रधान आरक्षक अमर चन्द्रा, अनिल बंजारे, और आरक्षक अर्जुन जांगड़े, संतोष मरकाम व सुमन चंद्रवंशी की मुख्य भूमिका रही। पुलिस की इस मुस्तैदी से हाइवे पर सफर करने वाले चालकों ने राहत की सांस ली है।



